सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ संजय टाइगर रिजर्व जैसे अति संरक्षित वन क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की कोशिश करने वालों पर वन विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए शिकारी गिरोह का पर्दाफाश किया है। मोहन रेंज क्षेत्र में सक्रिय एक गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग ने यह साफ संदेश दे दिया है कि जंगल और वन्यजीवों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वन्यप्राणियों के शिकार का आरोप
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई दो अलग-अलग वन अपराध प्रकरणों के तहत की गई है, जो दिनांक 6 जुलाई 2025 को दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान पुख्ता सबूत सामने आने के बाद हाल ही में आरोपियों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि इन शिकारियों ने संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर जंगली सुअर और चितल जैसे संरक्षित वन्यप्राणियों का शिकार किया।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
प्रथम वन अपराध प्रकरण क्रमांक 537/05 में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 2(1), 20, 9, 27, 29, 31, 35, 39, 51 सहपठित धारा 52 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में मग्लू बैगा पिता सुखाल बैगा (48 वर्ष), लालमन बैगा पिता सुखान बैगा (51 वर्ष), रामयुक्त साकेत पिता लालसाह साकेत (44 वर्ष), गनरूप अगरिया पिता दशरथ अगरिया (35 वर्ष), दशरथ अगरिया पिता कुमार अगरिया (52 वर्ष) एवं अंकू बंशाल पिता बालकिशन बंशाल (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी बजारी गांव, थाना सरई, जिला सिंगरौली के निवासी बताए गए हैं। वहीं दूसरे वन अपराध प्रकरण क्रमांक 487/05 में भी वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले में मग्लू बैगा, लालमन बैगा, अंकु बंशाल तथा रामभुवन साकेत को आरोपी बनाया गया है, जो सभी थाना सरई क्षेत्र से संबंधित हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर खतरा
वन अधिकारियों के अनुसार आरोपियों द्वारा संरक्षित क्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिए भी गंभीर खतरा है। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।


