श्योपुर/धीरज बालोठिया/खबर डिजिटल/ 22 नवंबर की रात चंबल दाहिनी नहर में ट्रैक्टर सहित गिरे युवक बादल की तलाश चौथे दिन भी जारी है। खोजबीन में देरी से नाराज जैदा और आसपास की आदिवासी बस्तियों के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने हाईवे जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक यातायात ठप रहा।
ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे की रात से ही प्रशासन नहर के तेज बहाव में उचित तरीके से खोजबीन नहीं कर पाया है। उनका कहना है कि तेज धारा में युवक के आगे बह जाने की आशंका के बावजूद रेस्क्यू टीम सीमित संसाधनों के साथ काम कर रही है।
आदिवासी नेता ने किया नेतृत्व
आदिवासी समाज के प्रतिनिधि हनुमान मीणा जैदा के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि नहर के बहाव को तुरंत कम किया जाए, खोज कार्य में लगी नावों की संख्या बढ़ाकर कम से कम तीन की जाए और अतिरिक्त बल तैनात किया जाए, ताकि युवक को जल्द से जल्द खोजा जा सके।
अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। उन्होंने मौजूदा कार्रवाई को ‘लचर’ बताते हुए कहा कि इससे पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित है।
बादल को ढूंढने की गुजारिश
सूचना मिलने पर एसडीएम बी. एस. श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने हाईवे जाम खुलवाया और आश्वासन दिया कि खोजबीन के लिए टीमों को बढ़ाया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ युवक की तलाश तेजी से की जा रही है।जाम खुलने के बाद आवागमन सामान्य हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक बादल नहीं मिल जाता, वे प्रशासन पर दबाव बनाए रखेंगे।


