शिवपुरी/अनुज बालोठिया/खबर डिजिटल/ शिवपुरी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “नो होम डिलीवरी” के संकल्प के साथ पूरे अमले को काम करना चाहिए।
कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित
कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर, जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र जादौन, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पोषण आहार, एएनसी पंजीयन, संपूर्ण टीकाकरण, सीडीआर, एमडीआर, आरबीएसके, एनआरसी, एचबीएनसी एवं टीकाकरण कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जेएसवाई एवं पीएसवाई में बजट की कोई समस्या नहीं है, इसलिए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा 500 दिवस और 300 दिवस की लंबित शिकायतों का निराकरण पांच दिवस के भीतर संतुष्टिपूर्वक कराया जाए। जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में लापरवाही पर मैदानी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
समस्या के समाधान की बात
एएनसी पंजीयन में समग्र आईडी से जुड़ी समस्याओं पर गांववार सूची पंचायत विभाग को सौंपकर समाधान कराने के निर्देश दिए गए। 4 एएनसी रजिस्ट्रेशन में करैरा, कोलारस, पोहरी, खनियाधाना एवं शहरी शिवपुरी का प्रदर्शन कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएचओ और मैदानी अमले का व्यक्तिगत रिव्यू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के विशेष निर्देश
कलेक्टर चौधरी ने सीवर एनीमिया से ग्रसित महिलाओं के मामलों में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को मिलकर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के बेहतर समन्वय से गर्भवती महिलाओं में एनीमिया जैसी गंभीर समस्या को रोका जा सकता है, जो मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बनती है। पीआईएच में कोलारस एवं पिछोर, तथा हाई रिस्क महिलाओं के चिन्हांकन में नरवर विकासखंड का कार्य कमजोर पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा एवं एमडीआर ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए।
पोषण आहार वितरण में लापरवाही
एनआरसी में क्योर रेट कम होने पर जिला टीकाकरण अधिकारी को फील्ड भ्रमण करने तथा महिला बाल विकास विभाग के कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। धात्री महिलाओं को पोषण आहार वितरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए सभी सीडीपीओ को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर गर्भवती महिलाओं के डेटा में सुधार करने के निर्देश दिए।
क्षय कार्यक्रम की भी समीक्षा
बैठक में आरबीएसके, मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं क्षय कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिन क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं वीएमओ को ऐसे क्षेत्रों का चिन्हांकन करने को कहा गया जहां स्वास्थ्य पैरामीटर कमजोर हैं, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जा सके। बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में प्रतिदिन 100 एक्स-रे किए जाने के निर्देश दिए।


