डेस्क। केरलम विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के करीब 10 दिन बाद कांग्रेस ने आखिरकार मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक, अजय माकन और पार्टी की केरल प्रभारी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम की घोषणा की।
दिल्ली की हाईलेवल बैठक के बाद बनी सहमति
मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लेने के लिए नई दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई सीनियर नेता मौजूद रहे। बैठक में लंबी चर्चा के बाद वीडी सतीशन के नाम पर सहमति बनी। इसके बाद पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा कर दी।

102 सीटों की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन के अलावा केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम भी चर्चा में थे। अंतिम दौर की बातचीत के बाद पार्टी नेतृत्व ने सतीशन पर भरोसा जताया।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री पद तक का सफर
वीडी सतीशन ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वह परवर विधानसभा सीट से 2001 से लगातार 6 बार विधायक चुने गए हैं। साल 2021 में उन्हें केरल विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया था। वे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। राज्य की राजनीति में उनकी पहचान एक मुखर और प्रभावशाली नेता के रूप में रही है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण का करीबी माना जाता है।
नाम तय होने में देरी से बढ़ी थी नाराजगी
मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में हुई देरी को लेकर विपक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। वहीं पार्टी के भीतर भी असंतोष देखने को मिला। वायनाड में जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें आरोप लगाया गया कि दोनों नेता केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि राज्य में उनके नाम को लेकर विरोध का माहौल था।
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