जनजातीय समाज का सम्मान और कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को मिल रही विकास की बड़ी सौगातें
जनजातीय नायकों के सम्मान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष प्रेरणास्रोत
भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और संघर्ष को जनजातीय समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाएं
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में अनुसूचित जनजाति समाज के जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान और कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की बड़ी सौगातें मिल रही हैं। जनजातीय नायकों के सम्माान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष प्रेरणास्रोत है।

भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और संघर्ष को जनजातीय समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य जनजातीय समाज के जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता करें। 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेशभर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक बनाना है। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद श्री गजेंद्र पटेल एवं अनसुचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज टेकाम ने भी संबोधित किया।
कांग्रेस ने जनजातीय समाज को वोट बैंक समझा, भाजपा विकास की मुख्य धारा से जोड़ रही है-डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को नर्मदा जल, पीएम मित्र पार्क और पीएम जनमन योजना जैसी बड़ी सौगातें मिली हैं। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा जनजातीय समाज को वोट बैंक समझा और उनके विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया। भाजपा ने जनजातीय समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए केन्द्र और प्रदेश में अनेकों योजनाएं संचालित की हैं।
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जनजातीय बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्के मकान, निःशुल्क राशन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मजरे-टोलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। यही तो रामराज्य की परिकल्पना है। दूसरी ओर कांग्रेस ने जनजातीय समाज को केवल वोट बैंक समझकर उसका इस्तेमाल किया और वर्षों तक उनके साथ झूठे वादे किए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जनजातीय समाज की श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को देश के सर्वोच्च संवैधानिक राष्ट्रपति पद पर आसीन कराकर समाज को गौरव और सम्मान दिलाया है।

जनजातीय महापुरुषों के सम्मान और गौरवशाली इतिहास को सहेजने का कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को देशभर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगी। मध्यप्रदेश सरकार भी जनजातीय समाज के महान नायकों और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा, राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे महापुरुष हमारे प्रेरणास्रोत हैं। इनके नाम पर विश्वविद्यालयों की स्थापना कर भावी पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित की। उनके नाम पर श्रीअन्न खरीदी योजना भी प्रारंभ की गई।
संग्रामपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई और पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह के नाम पर कैबिनेट बैठक हुई। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर रखा गया है। भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सम्मान प्रदान किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14, 15 और 16 नवंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की शुरुआत 14 नवंबर को जबलपुर से होगी। 15 नवंबर को डही से आलीराजपुर तक दूसरी पाइपलाइन का लोकार्पण कर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 16 नवंबर को निमाड़ अंचल के खंडवा में कार्यक्रम होगा। इस बार भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का आयोजन इतना भव्य होगा कि पूरा देश मध्यप्रदेश के जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत को देखेगा।







