डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ Bilgada Dam in Dindori news: डिंडोरी जिले के शाहपुरा स्थित बिलगड़ा बांध इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी का...
सिवनी/बंडोल/राकेश यादव: बंडोल ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम राहीवाड़ा में आज सर्व समाज की एक बड़ी सामूहिक बैठक आयोजित हुई, जहां गांववासियों...
मध्यप्रदेश से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ का पहला जत्था 7 मई को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुआ. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया और 21 नदियों के जल कलशों का पूजन भी किया.
अशोकनगर जिले में आगामी राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के साथ-साथ संबंधित ग्रुप एडमिन पर भी कार्रवाई होगी.
राजधानी भोपाल समेत पूरे देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. पहले चरण के तहत सरकारी टीमें घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र कर रही हैं. भोपाल जिले में इस काम के लिए 6 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती की गई है और सर्वे का काम 30 मई तक चलेगा.
दतिया में संभावित उपचुनाव की चर्चाओं के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और क्षत्रिय समाज के प्रभावशाली लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है, जिससे जिले का सियासी माहौल गर्मा गया है.
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहे हैं. 8 मई से शुरू होने वाली यह समीक्षा करीब चार दिनों तक चल सकती है. इसमें मंत्रियों के विभागीय कार्यों, विकास योजनाओं और प्रभार वाले जिलों में उनकी सक्रियता का आकलन किया जाएगा.
मध्य प्रदेश में फर्जी तरीके से बीपीएल सूची में शामिल लोगों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. जनगणना और मकान सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद बीपीएल कार्ड का लाभ ले रहे हैं.
मध्य प्रदेश भाजपा में नई प्रदेश कार्यसमिति को लेकर हलचल तेज हो गई है. पार्टी पहली बैठक ओरछा में करने की तैयारी में है, लेकिन उससे पहले नई कार्यसमिति की सूची को अंतिम रूप देने पर लगातार मंथन चल रहा है. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस बार कार्यसमिति का आकार सीमित रखने के पक्ष में हैं, ताकि छोटी लेकिन अधिक सक्रिय टीम तैयार की जा सके.