मुंबई: वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में वेदांता लिमिटेड (बीएसईः 500295, एनएसईः वीईडीएल) के शानदार प्रदर्शन के बाद, प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी को लेकर अपना सकारात्मक नजरिया बरकरार रखा है। उन्होंने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (बीएसईः 500188, एनएसईः एचआईएनडीज़ैआईएनसी) के बेहतरीन मुनाफे, बेहतर होती परिचालन दक्षता (ऑपरेटिंग एफिशिएंसी), मजबूत होती बैलेंस शीट और क्षमता विस्तार की बड़ी पाइपलाइन का जिक्र किया है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, एमके ग्लोबल और सीएलएसए ने कंपनी के लिए सकारात्मक निवेश सलाह दी है, जिसमें प्रति शेयर रु290 से रु350 तक का लक्षित मूल्य तय किया गया है। रु233 के मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से, ये लक्ष्य लगभग 24 फीसदी से 50 फीसदी तक की तेजी का संकेत देते हैं।
वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रु9,938 करोड़ का समेकित EBIDTA दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है और पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। हिंदुस्तान जिंक और जिंक इंटरनेशनल (दक्षिण अफ्रीका) के शानदार परफोर्मेन्स तथा कॉपर और फेरोक्रोम कारोबार के बेहतर योगदान के चलते कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा।
ब्रोकरेज फर्मों की सकारात्मक टिप्पणियों के केंद्र में हिंदुस्तान जिंक का प्रदर्शन रहा। कंपनी ने लगभग रु9,248 करोड़ का EBIDTA दर्ज किया। इसमें धातु के अधिक उत्पादन, बेहतर ग्रेड, उप-उत्पादों से बेहतर कमाई और लागत में उल्लेखनीय बचत का बड़ा योगदान रहा।
जिंक उत्पादन की लागत लगभग 703 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रही, जो परिचालन में सुधार और उच्च उत्पादकता के फायदों को दर्शाती है। चांदी का उत्पादन सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर 173 टन हो गया, जिससे जिंक कारोबार से होने वाली कमाई में और मजबूती आई।
कोटक ने हिंदुस्तान जिंक के मजबूत परिचालन प्रदर्शन पर रोशनी डाली, जबकि एमके ने तिमाही नतीजों के उम्मीद से बेहतर रहने का श्रेय लागत प्रतिस्पर्धात्मकता और बेहतर कमाई को दिया। इसी तरह, सीएलएसए ने वेदांता लिमिटेड के नतीजों के लिए घरेलू जिंक कारोबार को मुख्य कारक बताया।
विकास के अगले चरण में हिंदुस्तान जिंक की 250,000 टन की स्मेल्टर विस्तार योजना शामिल है, जिसे वित्त वर्ष 2029 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
ब्रोकरेज फर्मों ने भविष्य की कमाई में जिंक इंटरनेशनल के योगदान का भी उल्लेख किया गया है।
दक्षिण अफ्रीका में गैम्सबर्ग फेज़-2 के शुरू होने से वहां के परिचालन की कुल क्षमता बढ़कर लगभग 500,000 टन प्रति वर्ष हो गई है। उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में यह विस्तार धीरे-धीरे और बढ़ेगा, जिससे उत्पादन की मात्रा में वृद्धि होगी और परिचालन दक्षता का लाभ मिलेगा।
एमके और सीएलएसए ने बताया कि उत्पादन के स्थिर होने के साथ रिकवरी दर में सुधार आएगा, लागत को और कम करने के अवसर भी बढ़ेंगे। जिंक इंटरनेशनल में खनित धातु की क्षमता को एक मिलियन टन तक पहुंचाने का प्रबंधन का दीर्घकालिक लक्ष्य, मौजूदा विस्तार कार्यक्रम के अलावा विकास का एक और अवसर प्रदान करता है। ब्रोकरेज फर्मों के आकलन में वेदांता के कॉपर और फेरोक्रोम कारोबार का भी प्रमुखता से जिक्र किया गया।
कॉपर कैथोड का उत्पादन तिमाही आधार पर लगभग 46,000 टन के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 15 फीसदी की वृद्धि है। योजना के मुताबिक सऊदी अरब में 125,000 टन क्षमता वाली कॉपर रॉड युनिट से कंपनी की डाउनस्ट्रीम क्षमताओं में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
फेरोक्रोम के क्षेत्र में, फेकोर ने मुनाफे में जबरदस्त सुधार दर्ज किया है। अधिक उत्पादन और बेहतर परिचालन दक्षता के चलते, इसका म्ठप्ज्क्। सालाना आधार पर लगभग 3.7 गुना बढ़ गया है। फेरोक्रोम उत्पादन के लिए क्रोमाइट अयस्क के भूमिगत खनन की शुरुआत और वित्तीय वर्ष 28 तक फेरोक्रोम क्षमता को 145,000 टन से बढ़ाकर 500,000 टन करने की योजनाएं, विकास के और अवसर प्रदान करती हैं।
कोटक ने वेदांता लिमिटेड के बढ़ते क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) पोर्टफोलियो पर भी प्रकाश डाला, जिसमें ग्रेफाइट, वैनेडियम, कोबाल्ट, टंगस्टन, निकेल और रेयर अर्थ जैसे खनिजों के 11 ब्लॉक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स में एक और महत्वपूर्ण पहलू- वेदांता लिमिटेड की बेहतर होती वित्तीय स्थिति का भी ज़िक्र किया गया। सितंबर 2026 के अंत में, कंपनी का कुल नेट डेट (शुद्ध कर्ज) लगभग रु3,675 करोड़ था, और नेट Debt – to – EBIDTA अनुपात केवल 0.1 गुना था। परिचालन में सशक्त नकद प्रवाह ने कंपनी की वित्तीय प्रत्यास्थता को बनाए रखते हुए विस्तार कार्यों के लिए फंड जुटाने की क्षमता को मजबूत किया है।
कंपनी का आकर्षक लाभांश उत्पादकता बनाए रखने का इरादा, इंकम की उम्मीद रखने शेयरधारकों के लिए निवेश के नजरिए से एक और सकारात्मक पहलू है। वेदांता लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 27 के लिए लगभग रु6,500 करोड़ के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का अनुमान दिया है, जिसे जिंक, फेरोक्रोम और अन्य विकास परियोजनाओं में लगाया जाएगा।
इस निवेश कार्यक्रम में हिंदुस्तान जिंक स्मेल्टर का विस्तार, गैम्सबर्ग परियोजना में तेजी, फेकोर की क्षमता में वृद्धि और कॉपर विकास से जुड़ी पहलें शामिल हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ये परियोजनाएं भविष्य में उत्पादन बढ़ाने, परिचालन दक्षता (ऑपरेटिंग एफिशिएंसी) में सुधार करने और कमाई के स्रोतों में विविधता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। एमके ग्लोबल ने तिमाही के मजबूत नतीजों, लागत दक्षता और क्षमता विस्तार के अवसरों का हवाला देते हुए, रु350 के लक्षित मूल्य के साथ ‘बाय’ की सलाह को बरकरार रखा है।
सीएलएसए ने घरेलू जिंक कारोबार से होने वाले मुनाफे, गैम्सबर्ग परियोजना में तेजी और मूल कंपनी के स्तर पर प्रबंधनीय कर्ज को देखते हुए, रु350 के लक्षित मूल्य के साथ अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने हिंदुस्तान जिंक की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता और कंपनी की मध्यम अवधि की विकास योजनाओं (ग्रोथ पाइपलाइन) के आधार पर, रु290 के निष्पक्ष मूल्य के साथ अपनी ‘बाय’ की सलाह को बरकरार रखा है।
कुल मिलाकर, ये रिपोर्ट्स निवेश के लिए एक ही निष्कर्ष की ओर इशारा करती हैंः वेदांता लिमिटेड का मजबूत परिचालन प्रदर्शन, कम कर्ज, कैश जनरेशन और क्षमता विस्तार मिलकर लंबे समय तक मूल् के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
कई परियोजनाओं के चालू होने के करीब पहुँचने और विभिन्न व्यवसायों में परिचालन दक्षता के मजबूत होने के बीच, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि वेदांता लिमिटेड ऐसी स्थिति में है जहाँ वह अपने संसाधन आधार को अधिक उत्पादन, बेहतर कमाई और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक रिटर्न में बदल सकती है।
