झाबुआ /सुनील डाबी/ खबर डिजिटल / आदिवासी अंचल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए थांदला विकासखंड को राष्ट्रीय स्तर सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा संचालित ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत तैयार की गई कार्ययोजना को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता
झाबुआ जिले के 651 ग्रामों में यह अभियान संचालित हुआ, जिनमें से 111 ग्राम थांदला विकासखंड के हैं। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजित इस अभियान में ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता से ग्राम विकास पुस्तिकाएं तैयार की गईं। इन पुस्तिकाओं के आधार पर विजन 2030 के तहत आने वाले समय में ग्रामों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
111 ग्रामों की कार्ययोजनाएं
थांदला विकासखंड में इस अभियान की निरंतर निगरानी कलेक्टर नेहा मीणा एवं सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान द्वारा की गई। वहीं, एसडीएम महेश मंडलोई के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी देवेंद्र बरडिया (सीईओ थांदला) एवं सहायक नोडल अधिकारी दिपेश सोलंकी (बीईओ थांदला) ने सभी 111 ग्रामों की कार्ययोजनाएं सफलतापूर्वक तैयार कराईं।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू थीं मुख्य अतिथि
इस अभियान के अंतर्गत बीईओ दिपेश सोलंकी द्वारा गोद लिए गए ग्राम उदेपुरिया को झाबुआ जिले की सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना के रूप में चयनित किया गया है। इसी उपलब्धि के तहत 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल कॉन्क्लेव’ में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य में थांदला से दिपेश सोलंकी, भारत कटारा, मशूल वसुनिया एवं अन्य सहभागी आमंत्रित किए गए।
यह सम्मान थांदला विकासखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। क्षेत्र की कार्य योजना को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने से स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों में खुशी और गर्व का माहौल है।


