डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी, मध्य प्रदेश शासन की जन-हितैषी योजना ‘दीनदयाल अंत्योदय रसोई’ आज डिंडौरी जिले के जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा सहारा बन गई है। महंगाई के इस दौर में, जहां गरीब व्यक्ति के लिए दो समय की रोटी का जुगाड़ करना भी बड़ी चुनौती है, वहां यह योजना एक मजबूत ढाल बनकर खड़ी है।
मात्र 5 रुपये में पौष्टिक थाली
इस योजना का मुख्य आकर्षण इसकी बेहद कम कीमत है। मात्र 5 रुपये के मामूली शुल्क पर भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन ‘ग्रामीण विकास सेवा समिति’ द्वारा किया जा रहा है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि रसोई में बनने वाला भोजन न केवल स्वाद में अच्छा हो, बल्कि पूरी तरह से स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक भी हो।
जो मजदूर पहले भोजन पर अपनी दैनिक कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर देते थे, वे अब कम खर्च में अच्छी गुणवत्ता का भोजन पा रहे हैं। इससे उनकी बचत में इजाफा हो रहा है। रसोई केंद्रों पर सफाई व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण रखा जाता है, ताकि लाभार्थियों को सुरक्षित भोजन मिल सके।इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आत्म-सम्मान के साथ भोजन ग्रहण कर सके।
बदलती जीवनशैली और राहत
दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों का कहना है कि यह योजना उनके लिए राहत की सांस की तरह है। एक श्रमिक ने भावुक होकर बताया कि पहले काम के दौरान भोजन की चिंता उन्हें परेशान करती थी, लेकिन अब निश्चित होकर वे अपना काम कर पा रहे हैं।
दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना केवल एक भोजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशील सोच का प्रतीक है। यह योजना समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को यह भरोसा दिला रही है कि राज्य सरकार उनके साथ है। डिंडौरी जिले में इसका सफल संचालन यह दर्शाता है कि जब जनकल्याण के कार्य सही दिशा में होते हैं, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।


