Seoni News: विशाल भारद्वाज/खबर डिजिटल/ कहा जाता है कि, वैसे तो अपने काम कराने के लिए व्यक्ति सरकारी दफ्तरों की छु्ट्टियां देखकर ही शेड्यूल बनाता है। ध्यान रखा जाता है शनिवार, रविवार का दिन तो नहीं। क्योंकि सरकारी दफ्तर में काम कराने के लिए दिन की दोपहरी ही होती, लेकिन सिवनी में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल गया, जब सहायक आयुक्त कार्यालय रात में भी अधिकारियों कर्मचारियों से रोशन नजर आया। वहीं अब इस पर कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह ठाकुर ने सवाल उठाए हैं।
रात में रोशन सरकारी दफ्तर!
सिवनी जिले में वैसे तो शासकीय कार्यालय छह बजे बंद होकर भवन के गेट में ताला जड़ जाता है, लेकिन जिले का जनजातीय विभाग का सहायक आयुक्त कार्यालय रात तक खुल रहा है, और वहां पर अधिकारी कर्मचारी नाश्ता पार्टी भी कर रहे हैं। देर रात शासकीय कार्य किया जा रहा है या कुछ समझ से परे है, सिवनी के केवलारी रजनीश सिंह ठाकुर ने इस कार्यप्रणाली और सिवनी में हुई पोस्टिंग को लेकर शासन पर सवाल उठाए है।
क्यों उठ रहे सवाल?
गौरतलब है सिवनी जिले से पहले श्योपुर जिले में सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा अपनी कार्यप्रणाली और फर्जी जाति प्रमाण पत्र के नाम पर विवादित रहे हैं। विधायक गोविद सिंह राजपूत ने उनका मुद्दा विधानसभा में भी उठाया था। भ्रष्ट और विवादित कार्यप्रणाली के चलते उन्हें निलंबित कर हटाया गया था। अब सिवनी में पदस्थ होने के बाद उनकी कार्य प्रणाली ने सवाल खड़े कर दिए। देर रात तक ऑफिस खोला जा रहा है। तो इस पर कांग्रेस विधायक ने पूछा, कि आखिर ऐसा क्यों करना पड़ रहा है।
सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा ने साधा मौन
विधायक द्वारा उठाए गए सवाल को लेकर सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा ने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। वहीं विधायक का कहना है सिवनी संवेदनशील होने के साथ-साथ अपार संभावना वाला जिला है, लेकिन सरकार यहां या तो फ्रेश अधिकारी की पोस्टिंग कर देती है, या भ्रष्ट अफसरों को भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि सिवनी सहायक आयुक्त विवादित है, उन्हें सिवनी में पोस्टिंग नहीं देना चाहिए थी।


