सतना/अंकित शर्मा/खबर डिजिटल/ प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि उन्होंने ड्रग कंट्रोलर को सख्त हिदायत दी है कि जिन दवा दुकानों में फार्मासिस्ट नहीं है वो चलना नहीं चाहिए, क्योंकि लोग दवा लेने जाते है, जीवन बचाने के लिए और गलत दवाई से उनका जीवन संकट में पड़ जाए तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या होगा? उन्होंने कहा कि इस काम के लिए सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को लगाए जाने के निर्देश दिए गए है।
डिप्टी सीएम ने जांची स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह और मेयर योगेश ताम्रकार उनके साथ रहे। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद पहली बार जिला अस्पताल पहुंचे, राजेंद्र शुक्ला को वॉर्डों का भ्रमण करते वक्त कई बेड में बिछी चादर मैली दिखी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की साफ-सफाई ही उसकी पहचान होती है। हेल्थ मिनिस्टर ने साफ-सफाई पर फोकस रखने के निर्देश दिए। जमीन पर बिछे गद्दों पर अस्पताल प्रबंधन की बेडशीट न देखकर उन्होंने आश्चर्य जाहिर किया।
मैली चादर देखकर भड़के स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने पूछा कि चादरों को कहां धुलाते हैं, तो बताया गया कि इसके लिए लॉन्ड्री लगी है, जिसका परिचालन आउटसोर्स हाथों में है। इस पर डिप्टी सीएम शुक्ल ने दो टूक कहा कि लॉन्ड्री की व्यवस्था ठीक नहीं है, इस पर निगरानी रखिए। जमीन पर बिछे गद्दों पर बेडशीट की गैर मौजूदगी पर स्वास्थ्य मंत्री ने असंतोष जाहिर किया। मरीजों को बंटने होने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश भी हेल्थ मिनिस्टर ने दिए। निरीक्षण के बाद हुई बैठक में डिप्टी सीएम ने कहा कि जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केन्द्र तक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार कर मातृ-मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करने के लगातार प्रयास करें।
डेढ़ सौ बिस्तरों का बनेगा अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल परिसर में 32 करोड़ 54 लाख 97 हजार रुपए की लागत से बनने वाले 150 बेडेड हॉस्पिटल के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने पीआईयू और एजेंसी को निर्देशित किया कि अतिशीघ्र ड्राइंग, डिजाइन अप्रूव्ड कराकर निर्माण कार्य शुरू कराएं। विभाग और सुपरवीजन अथॉरिटी शेडयूल बनाकर दिसम्बर 2026 की तय समयवधि के पूर्व अक्टूबर 2026 में निर्माण कार्य पूर्ण कराने सतत निगरानी करें। इस हॉस्पिटल के बनने के बाद डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का लोड कम होगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि रोगी के पास आयुष्मान का कार्ड है तो जिला स्तर से ही निर्णय लेकर एयर एम्बुलेंस बुलाई जा सकती है। कलेक्टर और सीएमएचओ एयर एम्बुलेंस की सुविधा की मानीटरिंग करें।
निरीक्षण के दरमियान कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसपी हंसराज सिंह, सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. एसपी गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला मौजूद रहे।


