बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ जिला अस्पताल बैतूल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के इमलीखेड़ा गांव की एक प्रसूता महिला की इलाज के अभाव में तड़प-तड़पकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उपचार न मिलने और डॉक्टर की उदासीनता के कारण महिला ने दम तोड़ दिया।
सात दिन पहले हुई थी प्रसूति
जानकारी के अनुसार महिला की सात दिन पहले सामान्य प्रसूति हुई थी। सोमवार को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि सुबह 6 बजे से महिला अस्पताल में थी, लेकिन पूरे दिन उसका कोई ढंग से इलाज नहीं किया गया। हालत बिगड़ने पर जब महिला बेसुध हो गई तब उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन इसके बाद इलाज के बजाय डॉक्टर वार्ड छोड़कर चली गईं।
निरक्षर सास से लगवाया अंगूठा
परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद संबंधित डॉक्टर ने उसकी निरक्षर सास से कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। वहीं, पति और सास को मौत का कारण भी नहीं बताया गया और उन्हें मीडिया से बात करने से रोका गया। मृतिका की 7 दिन की नवजात बेटी को गोद में लेकर उसकी दादी फूट-फूटकर रोती रही, जिससे अस्पताल परिसर का माहौल भावुक हो गया।
परिजनों ने दी जानकारी
परिजनों ने बताया कि जिस महिला डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप हैं, वह पहले भी अवैध वसूली और कार्य में लापरवाही के कई आरोपों से घिरी रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मृतका के परिवार ने मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिला अस्पताल में बार-बार सामने आ रही लापरवाही की घटनाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
