बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चांटिंग समारोह में सेवा देने के लिए बैतूल जिले से सेवाभावी दल दीक्षाभूमि ट्रेन से महाबोधि महाविहार बोधगया के लिए रवाना हुआ। मान्यता है कि इस महामंगलमय चेंटिंग कार्यक्रम में सेवा देने या इसका प्रत्यक्ष साक्षी बनने भर से जीवन पुण्यफल से परिपूर्ण हो जाता है। इसी काम को सार्थक बनाने के लिए दल बोधगया के लिए रवाना हुआ।
दल के लोगों की भगवान बुद्ध में असीम आस्था
भगवान बुद्ध के अनुयायियों का मानना है कि सेवा से संस्कार के साथ मानवता का भी विस्तार होता है, इसी का ध्यान में रखकर हर साल होने वाले अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चांटिंग समारोह में सेवा देने के लिए दूर-दूर से लोग बोधगया पहुंचते हैं, उन्हीं की तरह बैतूल से भी दल रवाना हुआ, और जमकर धार्मिक जयकारे लगाए।
सौभाग्यशाली सदस्यों के नाम
बोधगया जाने वाले सौभाग्यशाली सदस्यों में रेखा धनराव चन्देलकर, सलिता कैलाश चन्देलकर, संगीता अशोक कापसे, अमीता सुरजु भुमरकर, राधिका अशोक पाटिल, रामा अतुलकर, लक्ष्मी भाऊराव भालेकर, अर्चना चौकीकर, मालती चौकीकर, मधुकर पाटील, सुनील नागले, कौतिका मासोदकर, देवकी राजुरकर, कौशि मालवीय, जयवंती अतुलकर शामिल है।
दल को शुभकामनाओं के साथ गुलदस्ता देकर विदा करने बैतूल जिले के सैकड़ों बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे, जिनमें महेंद्र खोबरागड़े, नरेश भूममरकर, तुकाराम लोखंडे, डॉ. प्रमोद भालेकर, शेषराव हुरमाडे, अशोक पाटिल, मन्नूलाल पाटिल, भाऊराव भालेकर, धनराज चंदेलकर, रामदास पाटील, डॉ. मनोज वरवड़े, धर्मदास दवंडे, दीपक मालवी, रमेश उबनारे, प्रकाश उबनारे, उर्मिला उबनारे, ममता अतुलकर, दिनेश रमेश उबनारे मालवीय सहित अनेक अनुयायी शामिल रहे।


