उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ फिल्म निर्देशक अभिनव सिन्हा उज्जैन पहुंचे, वे महाकाल दर्शन के बाद प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू हुए,उन्होंने कहा कि मैं किसी भी किरदार पर फिल्म बनाता हूं तो पहले उसमें खुद’ उतरता हूं। उसके बाद में उस फिल्म में दर्शकों के साथ न्याय कर पाता हूं।
40 दिन की यात्रा पर हैं अभिनव सिन्हा
उज्जैन पहुंचे निर्देशक अनुभव सिन्हा ने पहले महाकाल दर्शन किए। उसके बाद प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा की। सिन्हा 40 दिन की यात्रा पर हैं उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा अभी पूरी नहीं हुई, वे 40 दिन की यात्रा पर निकले हैं। देश के कई हिस्सों में यात्रा कर दर्शकों के मन को टटोलेंगे। रावण, थप्पड़, आर्टिकल 15, दस जैसी कई महत्वपूर्ण फिल्में बनाने वाले अनुभव प्रेस क्लब पर सहज अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने कहा उज्जैन आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। रूबरू आयोजन के शुभारंभमें कार्यकारी अध्यक्ष विशाल सिंह हाड़ा ने स्वागत भाषण दिया, तथा प्रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्यों ने स्वागत किया।
‘दर्शकों का मन टटोलने आया हूं’
पत्रकारों के प्रश्न का जवाब देते हुवे कहा कि किसी भी फिल्म के विषय को ढूंढने उज्जैन नहीं आया हूं। अभी तो मुझे दर्शकों के मन को टटोलना है। एक आम आदमी फिल्म थिएटर के कितना नजदीक है, यह जानना है। फिर उसके बाद किरदार को पर्दे पर उतारा जाएगा, जो दर्शकों की पसंद है।
