डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ डिंडौरी जिले के पश्चिम करंजिया वन परिक्षेत्र में बीते 48 घंटों से हाथियों के झुंड ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है। छत्तीसगढ़ के जंगलों से आए इन हाथियों ने रात के अंधेरे में दो गांवों में उत्पात मचाते हुए तीन मकानों को तोड़ डाला, खलिहानों में रखी धान की फसल को रौंद दिया और ग्रामीणों की संपत्ति को भारी क्षति पहुंचाई।
पंडरी पानी गांव में सबसे ज्यादा तबाही
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार देर रात हाथियों का दल पंडरी पानी गांव में घुस आया। यहां शिवप्रसाद पिता अर्जुन सिंह के घर को चारों दिशाओं से तोड़ते हुए हाथियों ने भीतर रखे सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया। उनके खलिहान में संग्रहित धान की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
भैंसों पर हमला, बाइकें चकनाचूर
इसी दौरान झुंड का रौद्र रूप चंद्रभान और रेवा सिंह के घरों में भी देखा गया। दोनों के घरों में बंधी भैंसों को हाथियों ने पटक दिया, जिससे पशुओं को चोटें आईं। हाथियों ने दोनों परिवारों की बाइकें भी पूरी तरह तोड़ डालीं, जिससे गांव में दहशत और तनाव का माहौल बन गया।
ग्रामीणों में दहशत, रातभर जागे लोग
लगातार हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का वातावरण है। कई परिवार रातभर जागकर पहरा देते रहे ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। गांव के बच्चों और महिलाओं में खौफ साफ़ दिखाई दे रहा है।
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटनाओं के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामों में अलर्ट जारी किया है। विभागीय टीमें लगातार गश्त कर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को निर्देश दिए गए है। रात में अकेले बाहर न निकलें, घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखें, झुंड के पास जाने या उन्हें डराने का प्रयास न करें, हाथी दिखते ही विभागीय अधिकारियों को सूचना दें, वन विभाग हाथियों को जंगल की ओर मोड़ने के लिए प्रयासरत है।


