छिदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ छिंदवाड़ा जिले में डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को पुलिस अधिकारी बताकर एक से डेढ़ घंटे तक वीडियो कॉल करके कमरे में बंद रखा। गनीमत रही कि कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और साइबर ठगी से बचा लिया, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद भी साइबर फ्रॉड बुजुर्ग व्यक्ति से बात करते रहे और दरवाजा न खोलने की बात कहते रहे, लेकिन पुलिस ने बुजुर्ग व्यक्ति से बंद दरवाजा खुलवाया और पुलिस के अधिकारियों ने बात की तो वीडियो कॉल को काट दिया।
इस तरह आया वीडियो कॉल
कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले किशोर राव के पास अचानक वीडियो कॉल आता है और फिर वो उठते हैं, जिसके बाद साइबर ठगी करने वाले बोलते हैं कि टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बोल रहा हूं, पुलिस थाने में शिकायत मिली है, आपके पास फोन आएगा और पांच मिनट के बाद फिर वीडियो कॉल आता है और बोलते हैं कि आपकी एफआईआर हुई है क्या आप दिल्ली आ सकते हो, फिर कुछ देर बाद बोलते हैं कि आप बुजुर्ग व्यक्ति रहने दो रहने दो वहां बहुत भीड़ लगी हुई है, आप एक काम करो एक कमरे वीडियो कॉल चालू रहने दो, फिर पुलिस के मौके पर पहुंचने पर उन्होंने कमरे से बाहर निकाला।
रेशम विभाग में पदस्थ थे बुजुर्ग
दरअसल बुजुर्ग व्यक्ति रेशम विभाग में पदस्थ थे और 2012 में रिटायर हुए थे। इसके बाद वह छिंदवाड़ा में ही अपनी पत्नी के साथ रहते हैं और परिवार के लोग बाहर जॉब करते हैं। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि विवेकानंद कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग व्यक्ति करीब 1 घंटे से ज्यादा समय से दरवाजा बंद करके बैठे हैं और दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। सूचना मिलने के बाद तत्काल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और मुश्किल के साथ दरवाजा को खुलवाया गया। बुजुर्ग व्यक्ति पुलिस पर भी भरोसा नहीं कर रहे थे। तब उनको कहा गया कि हम आपकी मदद करने के लिए आए हैं, तब बड़ी मुश्किल से उन्होंने दरवाजा खोला और उन्हें डिजिटल अरेस्ट के बारे में जानकारी दी गई।
