डिंडौरी/शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/ डिंडौरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत खजरी गांव में बिजली कनेक्शन देने के नाम पर खुलेआम रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के किसान भानुप्रताप कुसरे ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक मांग पत्र में कनेक्शन शुल्क मात्र 3100 रुपये निर्धारित था, इसके बावजूद अतिरिक्त राशि की अवैध मांग की गई।
सिंचाई कनेक्शन का आवेदन
पीड़ित किसान भानुप्रताप कुसरे ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन लेने का आवेदन किया था। इसी दौरान बिजली विभाग के लाइनमैन ने कनेक्शन देने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की। किसान के अनुसार, जब उन्होंने अतिरिक्त रकम देने से इंकार किया तो कनेक्शन देने में टालमटोल की गई, जिससे मजबूर होकर उन्हें रिश्वत देनी पड़ी।
लिखित शिकायत से मचा हड़कंप
घटना से आहत किसान भानुप्रताप कुसरे ने मामले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। शिकायत सामने आने के बाद ग्रामीण इलाकों में बिजली कनेक्शन के नाम पर होने वाली अवैध वसूली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन डर और मजबूरी के चलते अधिकांश किसान शिकायत नहीं कर पाते।
निगरानी व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अंचलों में कनेक्शन के नाम पर मनमानी वसूली प्रशासनिक नियंत्रण की पोल खोल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचार को और बढ़ावा मिलेगा।
विभाग का बयान
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएस बघेल, डिविजनल इंजीनियर, डिंडौरी ने कहा कि शिकायत विभाग के संज्ञान में आ चुकी है। मामले की जांच कराई जा रही है और यदि कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि यह मामला केवल फाइलों तक सीमित रहता है या वास्तव में दोषी कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाकर किसानों को न्याय दिलाया जाता है। फिलहाल, इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


