भोपाल/खबर डिजिटल/CM Mohan Yadav Guwahati Visit: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 जनवरी 2026 को गुवाहाटी, असम के दौरे पर रहेंगे। यहां मुख्यमंत्री गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन (National Textile Ministers Conference) में सहभागिता करेंगे। साथ ही असम राज्य के साथ वन्य जीवों (Wildlife Exchange Discussion) के आदान-प्रदान पर भी चर्चा होगी।
CM Mohan Yadav ने बताया कि मध्यप्रदेश और असम राज्य के बीच पूर्व में वन्यजीवों के आदान-प्रदान पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ था। इसमें मध्यप्रदेश में विलुप्त जंगली भैंसों के पुनर्स्थापना और गैंडों को मध्यप्रदेश लाने की सहमति बनी थी। साथ ही मुख्य वन्यजीव अभिरक्षण असम की मांग पर बाघ और मगरमच्छ मध्यप्रदेश से असम राज्य को स्थानांतरित करने की सहमति हुई थी। इस संदर्भ में केन्द्र सरकार को दोनों राज्यों ने अपने प्रस्ताव भी भेजें हैं। शीघ्र ही असम राज्य के साथ ईको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन की दिशा में सहयोग और साझेदारी बढ़ेगी। इस संदर्भ में 8 जनवरी को असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चर्चा होगी।
वस्त्र उत्पादन और राज्यों के बीच सहयोगात्मक मॉडल पर होगा विचार-विमर्श
गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा भी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में कपड़ा उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, नवाचार, कौशल विकास, आधुनिक मांग के अनुसार वस्त्र उत्पादन और राज्यों के बीच सहयोगात्मक मॉडल पर भी विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के वस्त्र उद्योगों के समग्र विकास और विस्तार को गति देना है। इसमें पारम्परिक हथकरघा और हस्तशिल्प से लेकर आधुनिक टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल) और निर्यात संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश की वस्त्र उद्योग नीति, उद्योग अनुकूल वातावरण, निवेश अवसरों तथा राज्य में उपलब्ध संसाधनों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन में राज्यों के बीच परस्पर अनुभवों का आदान-प्रदान होगा और वस्त्र क्षेत्र में नई साझेदारियों का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
यह सम्मेलन ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी राष्ट्रीय नवाचारी पहलों को और मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश का वस्त्र उद्योग वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।


