सतना/अंकित शर्मा/खबर डिजिटल/ हैलो….मैं महिला बाल विकास विभाग से प्रेम नारायण यादव बोल रहा हूं, आप शिवम साहू बोल रहें हैं। आपका जो खाता रजिस्टर्ड है उसमें पीएम मातृ वंदना योजना के तहत जो राशि डालनी है, वह फेल बता रही है, इसलिए दूसरा खाता नंबर बताइए। इतना कहते ही फोन-पे में लिंक का अलर्ट आया और ओटीपी शेयर करते ही अलग-अलग कर 28 हजार की रकम पार हो गई। पहले चक्र में 10, दूसरे में 5, तीसरे में 5 और चौथे में 8 हजार की राशि खाते से निकाल ली गई। इसके अलावा रविवार को दूसरे हितग्राही बंटी साहू के पास फोन आया और उनके खाते से भी 10 हजार रूपये की राशि खाते से उड़ गई। बहरहाल दो दिन में दो केस सामने आने के बाद हडकंप मच गया है। हालांकि इसकी शिकायत शिवम साहू ने सायबर सेल में दर्ज करवाई है।
निशाने पर पीएम मातृ वंदना योजना के हितग्राही
दोनो केस में सबसे बड़ी बात यह है कि सायबर ठग के निशाने पर ऐसे हितग्राही हैं जो कि पीएम मातृ वंदना योजना से जुड़े हुए हैं। पहला केस में दो माह पर डिलेवरी का केस था, जिससे 28 हजार रूपए की राशि ठगी गई, इसके अलावा दूसरे केस में भी यही है कि 4 वर्ष पहले हुई डिलीवरी केस के हितग्राही के पास फोन आया और खाते से राशि उड़ा ली गई। बहरहाल ऐसे हितग्राही जरूर सचेत व सावधान रहें जो कि पीएम मातृ वंदना योजना के हितग्राही हैं।
इनको मिलती है राशि
बच्चों के जन्म से जुड़ी सरकारी योजनाओं में मिलने वाले पैसे को मुख्य रूप से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मातृत्व लाभ या आर्थिक सहायता कहा जाता है, जिसमें पहले बच्चे के लिए 5,000 और दूसरे बच्चे (लड़की होने पर) के लिए 6,000 तक की राशि दी जाती है, ताकि मां और शिशु के स्वास्थ्य और पोषण में मदद मिल सके, और यह पैसा सीधा बैंक खाते में आता है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भावस्था और प्रसव के बाद देखभाल के लिए वित्तीय मदद देना, ताकि वे पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकें और वेतन के नुकसान की भरपाई कर सकें। बताया गया कि यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है जो कि किश्तों में मिलती है। जैसे गर्भावस्था के पंजीकरण पर, प्रसवपूर्व जांच के बाद और बच्चे के जन्म व टीकाकरण के बाद।
कौन है प्रेम नारायण यादव….
सायबर ठगी को अंजाम देने वाला आखिर प्रेम नारायण यादव कौन है…जो कि पीएम मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को ही टार्गेट कर उनके पास फोन कर रहा है और ओटीपी मांग कर खाते से रकम उड़ा रहा है। दो दिनों में दो केस सामने आने के बाद विभाग में भी हडकंप की स्थिति बनी हुई है। सायबर ठगी का शिकार हुए शिवम साहू ने बताया कि उनके पास 9241891189 नंबर से फोन आया था, उसके बाद उसके खाते से पैसे पार हो गए।
पंजीयन समेत किसी तरह की न दें जानकारी
वार्ड क्रमांक 45 के पार्षद पंकज कुशवाहा ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आंगनवाड़ी अधिकारी बनकर लोगों के यहां फोन आ रहा है कि आपका रजिस्ट्रेशन होना है, या आप किसी योजना से जोडना है, यह डिलीवरी का पैसा आना है, आपके नंबर पर एक ओटीपी आई है उसे बता दीजिए कृपया ऐसे ऐसे किसी व्यक्ति का किसी माता ,बहनों के पास फोन आए तो उनको ओटीपी न बताएं। पार्षद कुशवाहा ने कहा कि वार्ड-45 में दो परिवार से आंगनवाड़ी अधिकारी बनकर फोन आया है और खाते से 28 हजार व 10 हजार निकाल लिए गए हैं।
इनका कहना है….
किसी भी हितग्राही को भटकने की आवश्यकता नहीं है, वह राशि भारत सरकार स्वंय से खाते में देती है। विभाग में प्रेम नारायण यादव नाम का कोई कर्मचारी नहीं है। यदि ऐसे कृत्य कोई कर रहा है तो उसके विरूद्व एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। मेरा आग्रह है कि कोई भी हितग्राही किसी के झांसे में न आए।
राजीव सिंह, महिला बाल विकास अधिकारी
मेरे पास फोन आया और उसने फोन-पे पर लिंक का अलर्ट आया, तभी चार किश्तों में पैसा खाते से पार हो गया। इस संबंध में सायबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई है। एक अन्य परिवार से के खाते से 10 हजार रूपए की रकम खाते से गायब की गई है।
शिवम साहू, शिकायतकर्ता


