सिवनी जिले के सुदूर जनजातीय अंचल में शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है या नहीं—इसकी जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना घंसौर विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम रजरवाड़ा पहुँचीं। यहाँ उन्होंने चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और योजनाओं के क्रियान्वयन, सेवाओं की उपलब्धता तथा स्थानीय समस्याओं पर खुलकर फीडबैक लिया।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने चौपाल में पंचायत, आंगनवाड़ी केंद्र, शासकीय स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न खण्ड स्तरीय कार्यालयों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की। ग्रामीणों से एक-एक कर चर्चा करते हुए उन्होंने पूछा कि केंद्र नियमित रूप से खुलते हैं या नहीं, कर्मचारियों की उपस्थिति कैसी रहती है और योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं को सुधारें और केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रहें।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने स्पष्ट कहा कि पंचायत, आंगनवाड़ी और स्कूल जैसे मूलभूत संस्थान ग्रामीण जीवन की धुरी हैं, इसलिए इनका नियमित संचालन सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित हो, प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसकी पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ समय पर मिले। साथ ही ग्राम सभाओं का व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विकास कार्यों में ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ सके।
आंगनवाड़ी सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा कि बच्चों का सही समय पर पंजीयन, उपस्थिति और पोषण आहार वितरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी पात्र बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा जाए और उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाकर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर उनका समुचित उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान कलेक्टर श्रीमती मीना ने मौके पर ही ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किए और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का निराकरण मौके पर ही प्रारंभ कराया गया। उचित मूल्य दुकान के निर्धारित समय पर न खुलने की शिकायत पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदारों को नोटिस जारी करने और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
कृषि क्षेत्र से संबंधित जानकारी देते हुए उपसंचालक कृषि ने किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर तिलहनी एवं दलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। किसानों को फार्मर आईडी के महत्व और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई, जिससे वे विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही खाद वितरण की नवीन “ई-विकास” प्रणाली के बारे में भी बताया गया, जिसके माध्यम से किसानों को पारदर्शी और सुगम तरीके से खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर निगरानी करें और समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिलाया। चौपाल कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत, एसडीएम श्री बिसन सिंह सहित सभी विभागों के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे


