सबहेड:कटनी में वरिष्ठ पत्रकार सुरेश सोनी ऋतुराज के काव्य संग्रह अनुभूति का लोकार्पण, साहित्यिक महफिल में जुटे शहर के गणमान्य
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी–शहर में साहित्य का एक यादगार अध्याय उस समय जुड़ गया, जब वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ऋतुराज के काव्य संग्रह “अनुभूति” का भव्य विमोचन समारोह होटल अरिंदम सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति रही।मुख्य अतिथि के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश वर्मा ने कहा कि यदि व्यक्ति के भीतर काम करने का जज्बा हो, तो वह उम्र की सीमाओं को भी पीछे छोड़ सकता है। उन्होंने 80 वर्ष की आयु में काव्य संग्रह प्रकाशित करने को प्रेरणादायक बताते हुए इसे जीवटता का प्रतीक बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक संदीप जायसवाल ने की। उन्होंने कहा कि कवि समाज की पीड़ा और वेदना को शब्दों में ढालकर जनता की आवाज बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना से ही सुधार का मार्ग प्रशस्त होता है और नेताओं को इसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए।विशिष्ट अतिथि यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला ने इसे “अविस्मरणीय पल” बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि एक बेटे द्वारा अपने पिता के सपनों को साकार करने का भावनात्मक उदाहरण है।साहित्य ने दिखाया समाज का आईनाकार्यक्रम में काव्य संग्रह अनुभूति की समीक्षा करते हुए डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि इस संग्रह में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। वहीं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह ठाकुर ने सुरेश सोनी ऋतुराज की पांच दशकों की साहित्यिक यात्रा का विस्तृत परिचय दिया।जन परिषद के संयोजक रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि इस काव्य संग्रह में समाज के दर्द का सजीव चित्रण है, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करता है।कवियों ने बांधा समांकार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित कवि सम्मेलन ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। बनारस के वैभव अवस्थी और लखनऊ के दावर रजा सहित अन्य कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवयित्री नीलिमा पाठक सामंतरे की प्रस्तुति भी सराही गई।विशेष क्षण बने यादगारसमारोह में विधायक संदीप जायसवाल का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। साथ ही अतिथियों का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुआ।कवि की भावपूर्ण अभिव्यक्तिस्वयं सुरेश सोनी ऋतुराज ने अपनी चर्चित पंक्तियों—”मिटी हाथ से यश की रेखा… हमारे हिस्से आई आग”का पाठ कर उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।निष्कर्ष:अनुभूति का विमोचन केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज, संस्कार और संवेदनाओं का उत्सव बन गया। लंबे समय बाद शहर में सजी इस साहित्यिक महफिल ने यह साबित कर दिया कि शब्दों की ताकत आज भी लोगों के दिलों को जोड़ने का सामर्थ्य रखती है।


