खबर डिजिटल— वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ मिडिल क्लास, किसान, युवा और उद्योग जगत को साधने की कोशिश की है। हालांकि आम आदमी को बड़ी राहत की उम्मीद के मुकाबले यह बजट संतुलित लेकिन सीमित राहत वाला माना जा रहा है।मध्यम वर्ग को क्या मिलाबजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी से नौकरीपेशा वर्ग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इससे टैक्स योग्य आय घटेगी और हाथ में आने वाली सैलरी थोड़ी बढ़ सकती है।किसान और ग्रामीण भारत पर जोरसरकार ने कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ाया है। किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है।शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगारबजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल डेवलपमेंट के लिए अधिक धनराशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी सेवाओं में सुधार आएगा।उद्योग और निवेश को बढ़ावाएमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्ट-अप सेक्टर के लिए नीतिगत राहत की घोषणा की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़े खर्च से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।क्या हुआ सस्ता, क्या महंगाकुछ आयातित वस्तुओं और कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी घटाने से आगे चलकर इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता सामान की कीमतों में नरमी आ सकती है।वहीं सिगरेट, तंबाकू और पान-मसाला जैसी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ने से ये महंगी हो सकती हैं।घरेलू गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर फिलहाल बजट का कोई सीधा असर नहीं दिखा है।कुल मिलाकरकेंद्रीय बजट 2026 को विकासोन्मुखी और भविष्य पर केंद्रित माना जा रहा है। हालांकि मिडिल क्लास को बड़ी टैक्स राहत न मिलने से कुछ निराशा भी देखने को मिल रही है। अब यह देखना अहम होगा कि बजट की घोषणाएं ज़मीनी स्तर पर कितनी जल्दी असर दिखाती हैं।
केंद्रीय बजट 2026 पेश, मिडिल क्लास को सीमित राहतकिसानों, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस
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