सतना/अंकित शर्मा/खबर डिजिटल/ जिला अस्पताल एक बार फिर विवादों में है। अस्पताल चौकी में पदस्थ एक आरक्षक का कथित तौर पर अवैध वसूली करते वीडियो सामने आने के बाद खाकी की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में अवैध पार्किंग के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों की गाड़ियों में चैन लगाकर 100 से 500 रुपये तक की वसूली की जाती है। विरोध करने पर पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। आरोप है कि यह सब बिना संरक्षण के संभव नहीं है और संबंधित आरक्षक को प्रतिदिन हिस्सा पहुंचाया जाता है।
इसके अलावा अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस चालकों का भी दबदबा बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि मरीजों को जबरन निजी अस्पतालों में ले जाया जाता है, जहां उनसे भारी शुल्क वसूला जाता है। एंबुलेंस चालकों और कथित रूप से कुछ जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत की भी चर्चा है।
हालांकि इससे पहले भी ऐसे वीडियो वायरल हो चुके हैं, लेकिन अब तक न तो पुलिस प्रशासन और न ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है। यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


