भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार 18 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया। इस बजट को उन्होंने रोलिंग बजट का नाम दिया। इसमें सबसे ज्यादा 1 लाख 57 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन किसानों को उपलब्ध कराने के लिए खर्च किए जाएंगें। इसी के साथ लाड़ली बहना योजना के लिए भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। वहीं बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने कर्ज को लेकर साफ किया कि कर्ज एक तरह से निवेश होता है।
आखिर क्या है रोलिंग बजट
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 के भारत का संकल्प लिया है, उसी तरह से मध्य प्रदेश की सरकार ने रोलिंग बजट के हिसाब से 2026, 2027, 2028 तीन वर्षों में मध्य प्रदेश को विकसित मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। इस बजट के जरिए सरकार का साझा प्लान एजुकेशन, इरीगेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक संयुक्त प्लान के रुप में पेश होगा। जिसका फोकस आने वाले तीन सालों में एक विकसित मध्यप्रदेश बनाने पर फोकस के रुप में होगा।
आखिर क्यों जरुरी है कर्ज?
कांग्रेस के सरकार के कर्ज लेकर घी पीने वाले बयान को लेकर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने साफ किया कि जितना बजट पेश किया गया है, उतना ही कर्ज है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि आप बताइए कहां कर्ज में डूबे हैं. उन्होंने कर्ज का क्राइटेरिया बताया और कहा कि अगर परिवार में कोई काम करते हैं मकान बनाते हैं तो कर्ज लिया जाता है, व्यापार करने में भी कर्ज की जरुरत पड़ती है, जब रेवेन्यू सरप्लस होता है तो ब्याज चुका दिया जाता है, तो असल में कर्ज तो निवेश के रुप में होता है। इस दौरान उन्होंने समय पर कर्ज का ब्याज चुकाने का दावा करने के साथ तंज कसा कि बड़ी बड़ी सिंचाई की योजनाएं आ रही हैं, स्कूल बन रहे हैं, कॉलेज बन रहे हैं. कांग्रेस ये सब देखती नहीं है।
बजट में किए ये खास प्रावधान
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट।
1 लाख 57 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1 हजार 801 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
4 हजार 454 करोड़ रुपए जल जीवन मिशन के लिए रखे गए हैं।
34 हजार 500 करोड़ का ऊर्जा के लिए प्रावधान किया गया है।
2030 तक 10 हजार नए आवास बनाए जाएंगे।
1 हजार 370 करोड़ का इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड के लिए प्रस्तावित।
5 हजार 428 करोड़ जजी राम जी योजना के लिए प्रस्तावित।
400 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन के लिए प्रस्तावित।
बजट में ये अन्य प्रावधान
अटल कृषि ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 13 हजार 914 करोड़ का प्रावधान।
सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अन्तर्गत रुपये 11 हजार 444 करोड़ का प्रावधान।
विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 10 हजा 428 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान।
अटल गृह ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 6 हार 33 करोड़ का प्रावधान।
समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत रुपये 5 हजार 649 करोड़ का प्रावधान।
मुख्यमंत्री किमान कल्याण योजना के अन्तर्गत रुपये 5 हजार 501 करोड़ का प्रावधान।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन यू एच एम/एन आर एच एम) के अन्तर्गत रुपये 4 हजार 600 करोड का प्रावधान।
विद्युत वितरण कंपनियों के ऋणों का अधिग्रहण के अन्तर्गत रुपये 3 हजार 910 करोड़ का प्रावधान।
सांदीपनि विद्यालय के अन्तर्गत रुपये 3 हजार 893 करोड़ का प्रावधान।
आंगनबाड़ी सेवाएँ (सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0) के अन्तर्गत रुपये 3 हजार 863 करोड़ का प्रावधान।
स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेख के पंजीकरण हेतु सहायता के अन्तर्गत रुपये 3 हजार800 करोड़ का प्रावधान।
सिंहस्थ-2028 के अन्तर्गत रुपये 3 हजार 60 करोड़ का प्रावधान।
निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत रुपये 2 हजार 550 करोड़ का प्रावधान।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के अन्तर्गत रुपये 2 हजार 343 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) 2.0 बी एन मी के अन्तर्गत रुपये 2 हजार करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत रुपये 2 हजार करोड़ का प्रावधान।
नाडली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 801 करोड़ का प्रावधान.
एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन व्यवसाय तिवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 550 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 299 करोड़ का प्रावधान।
टैरिफ अनुदान के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 296 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत निर्मित मड़को का नवीनीकरण एवं उन्नयन के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 285 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 277 करोड़ का प्रावधान।
11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय छात्रवृत्ति (2.50 लाख से अधिक आय वर्ग हेतु) के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 210 करोड़ का प्रावधान।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 152 करोड़ का प्रावधान।
न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम विशेष पोषण आहार योजना के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 150 करोड़ का प्रावधान।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 100 करोड़ का प्रावधान।
रीवैल्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एम.एस.) के अन्तर्गत रुपये 1 हजार 91 करोड़ का प्रावधान।


