भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी एक बार फिर शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर गूंज उठी। मंगलवार को भोपाल के पंचशील नगर स्थित अंबेडकर पार्क में प्रदेशभर से आए सैकड़ों चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन में शामिल करीब 300 से 400 अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या उन महिलाओं की थी, जो अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर अपनी आवाज बुलंद करने पहुंची थीं।
सीएम हाउस तक गूंजी मांग
अंबेडकर पार्क में सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम तक चलता रहा। इस दौरान अभ्यर्थियों का एक दल मुख्यमंत्री आवास तक जा पहुंचा, जहां उन्होंने अपनी मांगों के पोस्टर लहराए और नौकरी नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाकर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए।
लाखों पद खाली
अभ्यर्थियों ने विधानसभा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में स्वीकृत 2,85,005 पदों में से केवल 1,74,419 शिक्षक ही कार्यरत हैं। राज्य में लगभग 1,15,000 से अधिक पद रिक्त हैं, जिनमें माध्यमिक शिक्षकों के 44,000 और प्राथमिक शिक्षकों के 55,000 से ज्यादा पद शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब रिक्तियां इतनी अधिक हैं, तो योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति देने में देरी क्यों की जा रही है?
सिर्फ आश्वासन से भरा मन
इंदौर, मंदसौर और अन्य जिलों से आए अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले 6 महीनों में वे 5 से 6 बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठा आश्वासन ही मिला है। पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों को ज्ञापन सौंपने की सलाह दी है, वहीं अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पद वृद्धि का ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप ले लेगा।


