मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम ने लोगों को उलझन में डाल दिया है. एक तरफ जहां तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं. दिन के समय तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई शहरों में यह 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है. खासकर भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे इलाकों में गर्म हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में दो तरह की स्थिति बनी हुई है. कुछ इलाकों में आसमान में बादल छाए हुए हैं, जबकि कई जगहों पर तेज धूप और गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है. हालांकि, इस गर्मी के बीच हल्की बारिश भी कुछ हिस्सों में दर्ज की गई है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है.
कब होगी मध्यप्रदेश में बारिश
आने वाले दिनों की बात करें तो मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा. इसके कारण 27 और 28 मार्च के आसपास कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव अचानक होगा. तेज हवाएं चल सकती हैं, बादल गरज सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
किसानों की फसल हो सकती है बर्बाद
इस दौरान किसानों के लिए भी सावधानी जरूरी है. तेज हवा और बारिश के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. सब्जियों और बागवानी फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका है. इसलिए किसानों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके. शहरी क्षेत्रों में भी इस मौसम का असर देखने को मिल सकता है. अचानक तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ गिरने या कमजोर संरचनाओं को नुकसान होने की संभावना रहती है. साथ ही, तेज बारिश के दौरान विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचें. खासकर बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों पर न रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें. घर के अंदर सुरक्षित रहना ही बेहतर विकल्प माना जा रहा है.
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