MP Nigam Mandal: मध्यप्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। बीते सोमवार को सुशासन भवन में हुई संघ,सत्ता और संगठन की गोपनीय बैठक में निगम मंडलों में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार बैठक में संघ, सत्ता और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा की गई।
विवादित बयान पर नाराजगी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयोजित हुई बैठक को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था। बैठक में सुरेश सोनी,दीपक विस्पोते,विमल गुप्ता, सीएम मोहन यादव,अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल,कैलाश विजयवर्गीय,प्रहलाद पटेल और शिवप्रकाश बैठक में शामिल हुए थे। बैठक में सबसे पहले विवादित बयानों को लेकर नाराजगी देखी गई। जिस पर मंत्री प्रहलाद पटेल और कैलाश विजवर्गीय ने राष्ट्रीय नेतृत्व में शामिल होने की इच्छा जाहिर की, जिसपर संगठन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा भी की गई, जिसपर सभी नेताओं ने अपनी सहमति जताई। अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली आलाकमान से तरीख तय करने का आग्रह किया जाएगा, इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा खबर ये भी है कि संगठन में होने वाली नियुक्त्यिों में संघ नेताओं को भी जगह दिए जाने पर सहमति बनी है।
केपी के नाम पर असहमति
सूत्रों का कहना है कि बैठक में निगम मंडलों की सूची को लेकर सबसे ज्यादा गहन विचार किया गया। बैठक के दौरान करीब 1 दर्जन नामों पर नेताओं ने अपनी सहमति जताई है। जो नेता विवादित नहीं है उन नामों पर सहमति बनी है। करीब 14 नामों को फायनल कर दिया गया है। लेकिन बैठक में उस समय गहमागहमी का माहौल बन गया जब कई नेताओं ने निगम मंडलों में केपी यादव, राम निवास रावत, अरविंद भदौरिया और प्रद्युम्न लोधी के नाम पर अपनी असमति जताई। इसके अलावा सूत्रों का दावा है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में निगम मंडल की सूची को जारी किया जा सकता है।


