MP Nigam Mandal Suchi: मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से इंतजार निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्तियों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, दिल्ली आलाकमान ने संभावित नामों की सूची को अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच होने वाली अंतिम दौर की बैठक के बाद किसी भी समय यह सूची सार्वजनिक की जा सकती है।
दो चरणों में हो सकती है घोषणा
अंदर खाने से खबर है कि कुल 50 नामों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन रणनीति के तहत इन्हें दो किस्तों में जारी किया जा सकता है। पहले चरण में 26 प्रमुख मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के नाम घोषित होने की संभावना है। वही दूसरे चरण में शेष पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी।
लाई रंग दिग्गजों की ‘लॉबिंग’?
सूत्रों का कहना है कि सूची को तैयार करने में क्षेत्रीय और गुटीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने समर्थकों को ‘एडजस्ट’ कराने के लिए दिल्ली से भोपाल तक सक्रिय रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके कई ‘चहेतों’ को मलाईदार पदों से नवाजा जा सकता है। कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए कद्दावर नेता सुरेश पचौरी और रामनिवास रावत को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है।
निगम-मंडल संभावित सूची
सूत्रों के हवाले से जो नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं, उनमें पूर्व मंत्रियों से लेकर वर्तमान विधायकों तक शामिल हैं।
पूर्व मंत्री: कमल पटेल, अरविंद भदौरिया, उमाशंकर गुप्ता, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया
दिग्गज नेता: अंचल सोनकर, जयपाल सिंह चावड़ा, यशपाल सिंह सिसोदिया, ध्रुवनारायण सिंह, आशुतोष तिवारी, शैलेंद्र बरुआ
विधायक: मुकेश टंडन (विदिशा), हरिसिंह सप्रे (कुरवाई), रमाकांत भार्गव (बुधनी)
अन्य नाम: मुन्नालाल गोयल, गिरिराज दंडोतिया, केके त्रिपाठी, राकेश गिरी, दिलीप शेखावत और पं. रमेश दुबे का नाम शामिल बताया जा रहा है।
अंतिम मुहर का इंतजार
फिलहाल प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकों का दौर जारी है। हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली ‘क्लोज डोर’ मीटिंग में सूची पर चर्चा होगी। चूंकि राज्यसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधना है, इसलिए पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।


