Wednesday, November 4, 2026
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यूरोकिड्स ने पूरे देश में समर क्लब-2026 का शुभारंभ किया, यह प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में डिजाइन थिंकिंग को बढ़ावा देगा

मुंबई : भारत के अग्रणी प्रीस्कूल ब्रांड यूरोकिड्स प्रीस्कूल ने अपने समर क्लब-2026 के शुभारंभ की घोषणा की है। यह 21 दिवसीय कार्यक्रम देशभर के 2,000 से अधिक केंद्रों में 2 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को डिजाइन थिंकिंग से परिचित कराएगा। डिजाइन टेल्स थीम पर आधारित यह कार्यक्रम कहानी-आधारित समस्या-समाधान का उपयोग करके बच्चों में शुरुआती वर्षों से ही सहानुभूति, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच का विकास करता है। ये ऐसे कौशल हैं जिन्हें भविष्य के लिए तेजी से आवश्यक माना जा रहा है। यह कार्यक्रम यूरोकिड्स के ह्यूरेका पाठ्यक्रम पर आधारित है, जिसे हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोजेक्ट जीरो और एनईपी-2020 के अनुरूप विकसित किया गया है, और इस गर्मी में देश भर के हजारों बच्चों को इससे जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।

डिजाइन टेल्स क्या है?

समर क्लब-2026 का मूल विचार सरल लेकिन प्रभावशाली है। हर बेहतरीन समाधान की शुरुआत एक कहानी से होती है। डिजाइन टेल्स के प्रत्येक दिन की शुरुआत एक पात्र-प्रधान कहानी से होती है — बच्चे एला हाथी, जूमी कार, चिरपी चिड़िया, जीना जिराफ और अन्य पात्रों से मिलते हैं जिनमें से प्रत्येक एक वास्तविक समस्या का सामना कर रहा होता है, जिसे हल करने में बच्चों को मदद करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इन कहानियों के माध्यम से बच्चे स्वाभाविक रूप से डिजाइन थिंकिंग के पांच चरणों से गुजरते हैं। इनमें समस्या को समझना, उसे परिभाषित करना, सॉल्यूशन की कल्पना करना, प्रोटोटाइप बनाना और विचारों का परीक्षण करना।

यह पैसिव कहानी सुनाना नहीं है। यह एक संरचित यानी स्ट्रक्चर्ड पूछताछ है जहाँ बच्चों की ‘क्यों?’ और ‘क्या होगा अगर?’ पूछने की सहज प्रवृत्ति सीखने का आधार बनती है।

कार्यक्रम की संरचना

21 दिनों का यह कार्यक्रम एक ऐसी दैनिक लय पर आधारित है जो आनंददायक और सार्थक दोनों है। प्रत्येक सत्र पाँच सुनियोजित चरणों से गुज़रता है। तत्परता बढ़ाने के लिए हार्दिक स्वागत। एक जुड़ाव का क्षण जहां कठपुतली खेल या इंद्रियों के माध्यम से दिन की कहानी का परिचय कराया जाता है। एक संवाद जहाँ बच्चे मुख्य समस्या की पहचान करते हैं और पात्रों की भावनाओं पर चर्चा करते हैं। एक एप्लिकेशन चरण जहाँ बच्चे अपने स्वयं के समाधान बनाते हैं, विकसित करते हैं और उनका परीक्षण करते हैं। एक अभिव्यक्ति का समापन जहाँ प्रत्येक बच्चा अपनी रचना साझा करता है — कोई भी उत्तर गलत नहीं होता, केवल प्रयासों की सराहना की जाती है।

यह कार्यक्रम दो अलग-अलग आयु समूहों के लिए तैयार किया गया है। घुमक्कड़ (2-4 वर्ष) और खोजकर्ता (4-6 वर्ष) — प्रत्येक के लिए पाठ्यक्रम उनके विकासात्मक चरण के अनुसार तैयार किया गया है। छोटे बच्चे इंद्रियों के माध्यम से खेल और निर्देशित निर्माण में भाग लेते हैं। बड़े बच्चे अधिक जटिल समस्या कथनों और बहु-सत्र डिज़ाइन चुनौतियों का सामना करते हैं।

21वें दिन, बच्चे अपने माता-पिता के सामने अपने काम का समापन प्रदर्शन करते हैं। यह एक ऐसा क्षण होता है जो न केवल उनके द्वारा बनाई गई चीज को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि उन्होंने सोचना कैसे सीखा। कई परिवारों के लिए, यह पहली बार होगा जब वे अपने बच्चे को किसी समस्या को समझाते हुए, उसके समाधान को बताते हुए और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए देखेंगे।

डिजाइन थिंकिंग क्यों, और अभी क्यों?

डिजाइन थिंकिंग आधुनिक दुनिया में सबसे अधिक मांग वाले कौशलों में से एक है जिसका उपयोग इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक और उद्यमी जटिलताओं को समझने और लोगों के लिए कारगर समाधान तैयार करने के लिए करते हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर किए गए शोध से लगातार यह पता चलता है कि रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच की नींव जीवन के पहले छह वर्षों में ही पड़ जाती है। यूरोकिड्स समर क्लब 2026 इसी प्रमाण पर आधारित है। समस्या-समाधान कौशल विकसित करने का सबसे अच्छा समय तब नहीं होता जब वे कार्यबल में प्रवेश करते हैं, बल्कि तब होता है जब वे अभी भी यह जानने की कोशिश कर रहे होते हैं कि आकाश नीला क्यों है।

लॉन्च के अवसर पर लाइटहाउस लर्निंग (यूरोकिड्स) के प्री-के डिवीजन के सीईओ केवीएस शेषासाई ने कहा, यूरोकिड्स में हम बचपन को तथ्यों को इकट्ठा करने की दौड़ के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया के साथ बच्चे के रिश्ते की शुरुआत के रूप में देखते हैं, एक ऐसा समय जब सवालों का महत्व जवाबों से कहीं अधिक होता है। हमारा पाठ्यक्रम सावधानीपूर्वक और उद्देश्यपूर्ण ढंग से तैयार किया गया है, जो इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि नन्हे दिमाग वास्तव में कैसे विकसित होते हैं: जिज्ञासा, प्रयोग और गलत होने के डर के बिना खोज करने की स्वतंत्रता के माध्यम से।”

समर क्लब इसी सोच का स्वाभाविक विस्तार है। यह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सुविचारित यात्रा है जहाँ कहानियाँ जिज्ञासा जगाती हैं, खेल के माध्यम से विचार आकार लेते हैं और बच्चे अपनी सोच पर भरोसा करना सीखते हैं। इस प्रक्रिया को पोषित करके, हम बच्चों को न केवल स्कूल के लिए, बल्कि जीवन के लिए भी तैयार कर रहे हैं, ऐसे व्यक्तित्वों का निर्माण कर रहे हैं जो जिज्ञासु, आत्मविश्वासी और उन संभावनाओं को देखने में सक्षम हैं जिन्हें दूसरे शायद न देख पाएं।

समर क्लब-2026 के लिए भारत भर के यूरोकिड्स केंद्रों में नामांकन खुला है। शहरों में चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम शुरू होने के कारण अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कार्यक्रम की तिथियों और सीटों की उपलब्धता के लिए अपने निकटतम केंद्र से संपर्क करें।

25 से अधिक वर्षों की विशेषज्ञता, 550 शहरों में 2,000 से अधिक प्रीस्कूल और दस लाख से अधिक बच्चों के पालन-पोषण के साथ, यूरोकिड्स भारत में प्रारंभिक बचपन की शिक्षा में अग्रणी बना हुआ है, जो अनुसंधान समर्थित शिक्षण पद्धति को आकर्षक सीखने के अनुभवों के साथ जोड़ता है, जिन्हें गर्मियों के समाप्त होने के बाद भी बच्चे के साथ लंबे समय तक रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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