डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ Dindori News: डिंडोरी, जिले में वन अधिकार पट्टों की लंबित मांगों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बजाग, समनापुर और करंजिया वन परिक्षेत्र के करीब 80 ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नाम एसडीएम रामबाबू देवांगन को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन अधिकार कानून 2006 के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों के वितरण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्षों से आवेदन और दावे लंबित पड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
“अब नहीं तो कभी नहीं” की स्थिति में पहुंचे ग्रामीण
समाजसेवी महेंद्र परस्ते ने बताया कि ग्रामीण कई बार ज्ञापन और आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है और अब वे व्यापक स्तर पर आंदोलन के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें
- जिला स्तर पर वन अधिकार निगरानी समिति का गठन किया जाए
- लंबित सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों को शीघ्र मंजूरी दी जाए
- वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जाए
- काबिज जमीनों की सही नपाई और सीमांकन कराया जाए
- ग्राम सभाओं को नक्शे और संबंधित सूचियां उपलब्ध कराई जाएं
- जिला एवं तहसील स्तर पर नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाए
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीनों की नपाई के दौरान कई गांवों की भूमि को सीमा से बाहर रखा गया, जिससे पात्र लोगों को अधिकार नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, शासन द्वारा जारी एसओपी के बावजूद दावों के निराकरण में तेजी नहीं दिखाई जा रही है।
सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी, जोरदार नारेबाजी
ज्ञापन सौंपने के दौरान हरि सिंह मरावी, लामू सिंह, शिवलाल बैगा, पीताम्बर खेवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपने अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। आने वाले समय में जिलेभर में युद्ध स्तर पर प्रदर्शन किए जाने की भी बात कही गई है।


