मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश के छोटे–बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खोली जा चुकी है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा। उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को अब 9 मई तक बढ़ा दिया गया है।
किसानों को अब उनकी भूमि के बदले 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाइयों को कोई समस्या न हो, यह हमारी सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ है। हमारी सरकार ने भू-अर्जन को भी लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सिर्फ निर्णयों की सूची नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो हमारी सरकार और किसानों के बीच मजबूत हो रही है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन, उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन की सफलता के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा के फलस्वरूप बाजार भाव में वृद्धि हुई और किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी अधिक मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबको विदित है कि हमारी सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, जिसमें किसानों को मात्र पांच रुपये में कृषि पंप का कनेक्शन दिया जा रहा है। साथ ही, हमारी योजना है कि अब हमारे किसानों को रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसान को सोलर सिंचाई के पंप दिए जा रहे हैं, जिससे बिजली के मामले में किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
