Wednesday, November 4, 2026
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उज्जैन निजी क्लीनिक में छात्रा की मौत मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोर्ट ने दो आरोपियों को भेजा जेल

उज्जैन/ कमलेश जाटव/ खबर डिजिटल/ में निजी क्लीनिक में अपेंडिक्स के इलाज के दौरान 11 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में नीलगंगा थाना पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. देवेश तिवारी और क्लीनिक संचालक डॉ. राजेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।

मामला मंछामन कॉलोनी स्थित जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक का है। महिदपुर तहसील के ग्राम तीलियांखेड़ी निवासी मेहरबान सिंह की 11 वर्षीय बेटी दिव्या सूर्यवंशी यहां उपचाररत थी। दिव्या कक्षा सातवीं की छात्रा थी। परिजनों के मुताबिक 9 मई को सुबह करीब 11 बजे उसे ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। शाम करीब 5 बजे उसकी हालत बिगड़ने पर उसे फ्रीगंज स्थित एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप था कि घटना के बाद क्लीनिक बंद कर डॉक्टर और स्टाफ वहां से चले गए। नाराज परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलते ही नीलगंगा थाना पुलिस, सीएसपी श्वेता गुप्ता और एसडीएम एल.एन. गर्ग मौके पर पहुंचे। बाद में सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल को भी बुलाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया गया और मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।

नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि कार्रवाई के तहत नोबल पॉली क्लीनिक को सील कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. डीके तिवारी के संबंध में रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।

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