भोपाल। मध्य प्रदेश में 13 जून को डॉ. मोहन यादव सरकार के ढाई साल पूरे होने जा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मंत्रियों के कामकाज की विस्तार से समीक्षा करेंगे। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व कार्यालय में दिनभर वन टू वन बैठकें होंगी। इसमें मंत्री अपने विभागों की उपलब्धियां, अधूरे काम और अगले ढाई साल की कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे।
सरकार के कामकाज और अगले लक्ष्य पर होगा फोकस
दिसंबर 2023 में सरकार गठन के बाद से अब तक हुए कार्यों का ब्यौरा मंत्रियों से लिया जाएगा। हर मंत्री को बताना होगा कि उनके विभाग ने संकल्प पत्र के कितने वादे पूरे किए, कितने काम प्रगति पर हैं और किन योजनाओं पर अभी काम बाकी है। साथ ही अगले ढाई साल के लिए विभागीय प्राथमिकताएं और लक्ष्य भी तय किए जाएंगे।
हारी हुई सीटों और चुनावी तैयारी की होगी समीक्षा
बैठक में मंत्रियों से उनकी विधानसभा सीट, गृह जिला और प्रभार वाले जिलों की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। खासतौर पर उन विधानसभा सीटों पर फोकस रहेगा जहां भाजपा पिछला चुनाव हार गई थी। कमजोर बूथ, स्थानीय समीकरण, विपक्ष की गतिविधियां और आगामी नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
संगठन, समितियों और योजनाओं पर मांगी जाएगी रिपोर्ट
मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके प्रभार वाले जिलों में दिशा समिति, जनभागीदारी समिति और अन्य अशासकीय समितियों का गठन कितना हुआ है। भाजपा संगठन के साथ तालमेल, जिला दौरों, समीक्षा बैठकों और मुख्यमंत्री की प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना योजना, किसान कल्याण योजना और गृह प्रवेश कार्यक्रम में उनकी भागीदारी की भी जानकारी ली जाएगी।
अफसरों की कार्यशैली और निगम-मंडलों पर भी चर्चा
मंत्री अपने विभागों की चुनौतियों, नई पहल और प्रशासनिक समस्याओं पर खुलकर चर्चा करेंगे। कुछ मंत्री अफसरों की मनमानी का मुद्दा भी उठा सकते हैं। इसके अलावा विभागीय निगम, मंडल और बोर्ड के नए अध्यक्षों के साथ समन्वय, उनके प्रशिक्षण और राज्यमंत्रियों के साथ कार्य विभाजन की स्थिति पर भी विस्तार से बात होगी।
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