केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि किसी भी योजना का उद्देश्य किसानों तक लाभ पहुंचाना होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम और प्रशासनिक प्रक्रियाएं किसानों की सुविधा के लिए बनाई जाती हैं, न कि किसानों को उनके कारण परेशान होना पड़े. यदि कोई नियम पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से रोक रहा है तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए.
सुधारों को लेकर अपनाएं सकारात्मक सोच
शिवराज चौहान ने अधिकारियों और संबंधित विभागों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लगातार सुधार और बदलाव की बात करते हैं. ऐसे में जरूरत है कि कृषि क्षेत्र में भी व्यावहारिक सुधार किए जाएं. उन्होंने कहा कि जो प्रक्रियाएं किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं, उन्हें समय रहते बदलना चाहिए ताकि लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके.उन्होंने यह भी कहा कि कई बार अच्छी मंशा से बनाई गई योजनाओं के नियम बाद में किसानों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं. ऐसे मामलों में केवल नियमों का पालन करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि उनका वास्तविक असर किसानों पर क्या पड़ रहा है.
किसानों को लाभ पहुंचाने में अड़चन हो तो बताएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि किसी राज्य या विभाग को लगता है कि कोई नियम किसानों को योजनाओं का लाभ देने में बाधा बन रहा है, तो इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दी जानी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य मिलकर ऐसी समस्याओं का समाधान निकालेंगे और आवश्यक बदलाव भी करेंगे.उनका कहना था कि सरकार की हर योजना का अंतिम लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में ऐसी कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित रह जाएं.
कृषि उत्पादन बढ़ाने पर भी दिया जोर
शिवराज चौहान ने देश के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत को कई कृषि उत्पादों के लिए बाहरी बाजारों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कपास जैसी फसलों का उत्पादन देश में ही पर्याप्त मात्रा में बढ़ाया जाना चाहिए ताकि आयात की जरूरत कम हो.
भारत को बनाना है दुनिया की फूड बास्केट
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है. भारत के पास कृषि उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है. शिवराज चौहान ने विश्वास जताया कि किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों के बल पर भारत को दुनिया की “फूड बास्केट” के रूप में स्थापित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जब किसान मजबूत होंगे, तभी देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी. इसी सोच के साथ कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों को अधिक सुविधाएं देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
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