मध्य प्रदेश सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें आयुष्मान भारत, राज्य बीमारी सहायता, जननी सुरक्षा, जननी शिशु सुरक्षा और सीएम केयर योजना शामिल हैं. इन योजनाओं के जरिए गरीबों, गर्भवती महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को मुफ्त या सस्ती इलाज की सुविधा मिलती है.
मध्य प्रदेश सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों, गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में मदद देना है. इन योजनाओं में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना भी शामिल है.
आइए जानते हैं राज्य की कुछ प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में
राज्य बीमारी सहायता योजना
इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है. जिला स्तर पर 1 लाख रुपये तक, संभाग स्तर पर 1 से 2 लाख रुपये और राज्य स्तर पर 2 लाख रुपये से अधिक की मदद मिल सकती है. अब इस योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना जरूरी कर दिया गया है.
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
यह केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना है. इसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. इसका लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.
जननी सुरक्षा योजना
यह योजना गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू की गई है, ताकि प्रसव के दौरान मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये की सहायता दी जाती है. साथ ही परिवहन के लिए भी अलग से राशि दी जाती है. इसका लाभ लेने के लिए मदर एंड चाइल्ड हेल्थ कार्ड होना जरूरी है.
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम
यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाई जा रही है. इसमें गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं, ताकि इलाज के दौरान उन्हें कोई खर्च न उठाना पड़े. इस योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना भी है.
सीएम केयर योजना
यह योजना खास तौर पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए शुरू की जा रही है. इसके तहत उन्हें 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा. इस योजना के लिए सरकार की ओर से प्रीमियम राशि भी तय की गई है.
इन सभी योजनाओं का मकसद प्रदेश के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे.
