FIFA World Cup 2026: फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा ने एक नया इतिहास रच दिया है। टीम ने साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराकर पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज की। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का फैसला इंजरी टाइम में हुआ, जहां एलिस्टेयर जॉनस्टन ने शानदार गोल कर कनाडा को प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया।
90 मिनट तक गोल के लिए तरसी दोनों टीमें
कनाडा और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने पूरे मैच के दौरान कई आक्रमण किए, लेकिन 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दोनों टीमों के डिफेंस ने शानदार खेल दिखाया और लगातार एक-दूसरे के हमलों को रोका। मैच के दौरान कनाडा ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा, लेकिन साउथ अफ्रीका की मजबूत रक्षापंक्ति ने हर बार उनके प्रयासों को विफल कर दिया।
इंजरी टाइम में आया मैच का सबसे बड़ा पल
जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में एलिस्टेयर जॉनस्टन ने डी के बाहर से शानदार शॉट लगाया। गेंद सीधे गोलपोस्ट में पहुंची और स्टेडियम में मौजूद कनाडाई समर्थक खुशी से झूम उठे। इस गोल ने कनाडा को 1-0 की ऐतिहासिक जीत दिलाई। शानदार प्रदर्शन के लिए जॉनस्टन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
सबसे उम्रदराज कोच ने बनाया नया रिकॉर्ड
साउथ अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस ने भी इस मुकाबले में नया रिकॉर्ड बनाया। 74 साल और 79 दिन की उम्र में वह फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में टीम को कोचिंग देने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने उरुग्वे के पूर्व कोच ऑस्कर तबारेज का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने वर्ष 2018 में 71 साल की उम्र में नॉकआउट मुकाबले में टीम का मार्गदर्शन किया था।

कोच जेसी मार्श हुए भावुक
मैच खत्म होने के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श खिलाड़ियों की उपलब्धि से भावुक नजर आए। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को देश का नायक बताया। जेसी मार्श ने कहा कि यह जीत केवल टीम की सफलता नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उनके मुताबिक खिलाड़ी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे और इससे कनाडा में फुटबॉल का भविष्य और मजबूत होगा।
अल्फोंसो डेविस की वापसी से मिली मजबूती
कनाडा के स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस ने चोट के बाद 75वें मिनट में मैदान पर वापसी की। उनके आने के बाद टीम के आक्रमण में तेजी देखने को मिली। डेविस ने मैदान पर उतरते ही प्रॉमिस डेविड के लिए गोल का शानदार मौका बनाया, लेकिन टीम उस अवसर को गोल में नहीं बदल सकी। हालांकि अंतिम क्षणों में जॉनस्टन के गोल ने कनाडा को अतिरिक्त समय में जाने से बचा लिया।
साउथ अफ्रीका ने आखिर तक दी कड़ी टक्कर
साउथ अफ्रीका ने पूरे मुकाबले में मजबूत खेल दिखाया। टीम के गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने कई बेहतरीन बचाव किए और कनाडा के कई हमलों को विफल किया। उन्होंने मैच के दौरान पांच महत्वपूर्ण सेव किए, लेकिन इंजरी टाइम में आए गोल को रोक नहीं सके। अंतिम क्षणों तक साउथ अफ्रीका ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन टीम को हार का सामना करना पड़ा।
