मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों का अंतिम दौर चल रहा है. प्रदेश अध्यक्ष और विभिन्न मोर्चों के गठन के बाद अब पार्टी की नजर अल्पसंख्यक मोर्चा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर है. इसे लेकर संगठन के भीतर लगातार बैठकें और विचार-विमर्श हो रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा है, हालांकि पार्टी ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है.
सिर्फ वरिष्ठता नहीं, कई पहलुओं पर हो रहा विचार
संगठन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस बार नियुक्ति केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं होगी. पार्टी ऐसे चेहरे की तलाश में है, जिसकी संगठन पर मजबूत पकड़ हो, कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी स्वीकार्यता हो और जो भविष्य की राजनीतिक रणनीति को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके. साथ ही सामाजिक प्रतिनिधित्व, नेतृत्व क्षमता और चुनावी दृष्टि से भी संभावित नामों का मूल्यांकन किया जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अल्पसंख्यक समाज के बीच अपनी पहुंच और संगठनात्मक मजबूती बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है. ऐसे में यह नियुक्ति केवल एक संगठनात्मक फैसला नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है.
इन नेताओं के नाम चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शाहनवाज़ उद्दीन शेख़ (छन्नू भैया), वाहिद कुरैशी, एडवोकेट अनवर अहमद मंसूरी, डॉ. गुलरेज शेख, नासिर शाह, मुख्तियार भाई (टीकमगढ़) और गुड्डू टायर (भोपाल) समेत कई नामों पर विचार किया जा रहा है. हालांकि इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि पार्टी ने नहीं की है.
शाहनवाज़ उद्दीन शेख़ का नाम प्रमुख दावेदारों में
शाहनवाज़ उद्दीन शेख़, जिन्हें छन्नू भैया के नाम से भी जाना जाता है, संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. वर्तमान में वे मध्य प्रदेश एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय कबड्डी संघ के उपाध्यक्ष और सामाजिक समरसता विचार मंच के अखिल भारतीय संयोजक हैं. भाजपा संगठन में भी वे कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. संगठन के भीतर उन्हें सक्रिय और समन्वय स्थापित करने वाले नेता के रूप में देखा जाता है.
वाहिद कुरैशी और अनवर मंसूरी भी दौड़ में
खंडवा के वाहिद कुरैशी का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है. वे लंबे समय से भाजपा और उससे जुड़े संगठनों में सक्रिय हैं. उन्होंने एबीवीपी से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रदेश मंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कई पदों पर कार्य किया. वे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से भी जुड़े रहे हैं और संगठनात्मक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
वहीं एडवोकेट अनवर अहमद मंसूरी का नाम भी चर्चा में है. वे मध्य प्रदेश हज कमेटी के पूर्व डायरेक्टर रह चुके हैं और जिला शांति समिति में भी लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता के कारण उन्हें भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है.
अगस्त में हो सकती है आधिकारिक घोषणा
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार ऐसा नेतृत्व सामने लाना चाहती है, जो संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के साथ अल्पसंख्यक समाज में भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सके. माना जा रहा है कि नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह में की जा सकती है.
हालांकि अंतिम फैसला भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा. आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मध्य प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान आखिर किस नेता को सौंपी जाती है.
