भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भोपाल स्थित बंगले पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उमा भारती ने हाल ही में उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रास्ते से जुड़ा मुद्दा उठाया था। जिसके बाद अब सीधे मुख्यमंत्री यादव पूर्व सीएम उमा भारती से मिलने पहुंचे।
राहुल गांधी पर उमा भारती का तंज
इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे राहुल गांधी को लेकर भी उमा भारती ने तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब वे बूढ़े हो चुके हैं और इस उम्र में लोग नाती-पोतों की बात करते हैं, फिर वे खुद को जवान कैसे कह सकते हैं। उमा भारती ने उन्हें देसी अंदाज में डोकरा यानी बुजुर्ग तक कह दिया। उमा भारती ने कहा कि युवाओं का जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है और युवा उन्हें अपना नेता मानते हैं।
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर उमा भारती ने रखी बात
मुलाकात के बाद उमा भारती ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ उनकी मुलाकात शुद्ध रूप से भाई-बहन की मुलाकात थी। उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के रास्ते से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस तरह मस्जिद के लिए रास्ते की व्यवस्था की गई, उसी तरह मंदिर के लिए भी रास्ता होना चाहिए। उमा भारती ने कहा कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि मस्जिद को बचाने के लिए रास्ता निकाला जाए और मंदिर को नुकसान पहुंचाया जाए। उनके मुताबिक मंदिर को गिराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उज्जैन पहुंचने के बाद उन्हें इस पूरे विवाद की जानकारी मिली। उमा भारती ने कहा कि ‘बजरंगबली ने कमाल कर दिया, मैं तो उनकी वंदना करती हूं।’
मोहन यादव को सलाह नहीं, आशीर्वाद की जरूरत
मुख्यमंत्री को किसी तरह की सलाह देने के सवाल पर उमा भारती ने कहा कि डॉ. मोहन यादव पढ़े-लिखे और सक्षम व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सलाह की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें आशीर्वाद की जरूरत है ताकि वे अपने कार्यों में लगातार सफल होते रहें।
सागर शराब कांड पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग
सागर के बंडा में हुए जहरीली शराब कांड को लेकर उमा भारती ने कहा कि शराब का सेवन ही नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन अवैध शराब की बिक्री रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंच और सरपंच से लेकर विधायक और मंत्री तक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनप्रतिनिधियों को कैसे पता नहीं चला कि उनके इलाके में अवैध शराब बिक रही थी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सागर जाकर बंडा क्षेत्र के प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगी। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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