खबर डिजिटल/ ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे से एक अजब-गजब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पालतू कुत्ते “टोमी जायसवाल” का आधार कार्ड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह कार्ड इतना असली जैसा लग रहा है कि जिसने भी देखा, हैरान रह गया।
कथित आधार कार्ड में बाकायदा कुत्ते का नाम टोमी जायसवाल, पिता का नाम कैलाश जायसवाल, जन्म तिथि 25 दिसंबर 2010 और पता वार्ड नंबर 1, सिमरिया ताल, ग्वालियर दर्ज है। इतना ही नहीं, कार्ड पर बाकियों की तरह ही “मेरा आधार, मेरी पहचान” भी लिखा गया है।

जैसे ही यह आधार कार्ड सोशल मीडिया पर आया, देखते ही देखते वायरल हो गया। लोग चौंकते हुए सवाल पूछने लगे कि क्या वास्तव में किसी कुत्ते का आधार कार्ड बन सकता है? या यह महज फोटोशॉप और एडिटिंग का खेल है?
इस कार्ड ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर इतनी सटीक एडिटिंग संभव है, तो कोई भी किसी इंसान के नाम से फर्जी आधार कार्ड क्यों नहीं बना सकता? यह मामला न केवल अजब-गजब लग रहा है, बल्कि पहचान प्रणाली की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

लोग इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। कोई कह रहा है – “अब तो डॉगी भी आधारधारी हो गए”, तो कोई मजाक उड़ाते हुए लिख रहा है – “अगली बार राशन भी कुत्ते के नाम से मिलेगा।” वहीं कुछ लोगों ने गंभीर सवाल भी उठाए कि ऐसे फर्जीवाड़े से धोखाधड़ी और अपराध की आशंका बढ़ सकती है।
आधार कार्ड के जानकर का कहना है कि आधार कार्ड भारतीय नागरिकों के लिए है, लेकिन एडिटिंग टूल्स की मदद से कोई भी नकली आधार तैयार कर सकता है।


