मुंबई : भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BoB) ने देश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फायनांस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान व्यवहार्य (viable) इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए संयुक्त ऋण (Joint Lending) और ऋण सिंडिकेशन की सुविधा प्रदान करेंगे। यह समझौता विशेष रूप से ‘अमृत काल’ के दौरान भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचागत महत्वाकांक्षाओं को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस समझौते पर IIFCL के उप प्रबंध निदेशक श्री पलाश श्रीवास्तव और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक श्री ललित त्यागी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए सड़क, बंदरगाह और ऊर्जा जैसे स्थापित क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते हुए नए क्षेत्रों की परियोजनाओं को वित्तपोषित करेंगे। IIFCL के उप प्रबंध निदेशक ने इस अवसर पर कहा कि यह साझेदारी हरित वित्त (Green Finance), एमएसएमई और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देते हुए समावेशी और सुदृढ़ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय उद्देश्यों का समर्थन करती है।
बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक श्री ललित त्यागी ने इस सहयोग को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंक की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति और IIFCL की वित्तीय क्षमताओं के एकीकरण से ग्राहकों को नवोन्मेषी (innovative) फायनांसिंग विकल्प उपलब्ध होंगे। यह साझेदारी न केवल परियोजनाओं के लिए आवश्यक पूंजी प्रवाह सुनिश्चित करेगी, बल्कि दीर्घकालिक और स्थायित्वपूर्ण आर्थिक विकास में भी सार्थक योगदान देगी।


