निजी क्षेत्र के दिग्गज आईसीआईसीआई बैंक ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए ‘कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम’ (CGAS) शुरू करने की घोषणा की है। भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्था के रूप में मंजूरी मिलने के बाद बैंक ने 1 जनवरी, 2026 से यह सेवा शुरू की है। यह योजना उन निवासी व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्होंने संपत्ति या अन्य पूंजीगत परिसंपत्तियों की बिक्री से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (Long Term Capital Gain) कमाया है, लेकिन आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि तक उसे पुनर्निवेश नहीं कर पाए हैं। इस खाते में राशि जमा कर ग्राहक न केवल संबंधित आयकर धाराओं के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं, बल्कि जमा राशि पर आकर्षक ब्याज भी अर्जित कर सकते हैं।
इस योजना के तहत बैंक दो प्रकार के खाते—टाइप ए (बचत खाता) और टाइप बी (टर्म डिपॉजिट)—उपलब्ध करा रहा है। टाइप ए खाता लचीली निकासी की सुविधा देता है, जबकि टाइप बी खाता संचयी और गैर-संचयी सावधि जमा के विकल्प प्रदान करता है। यह स्कीम करदाताओं को अधिकतम तीन वर्षों तक की मोहलत देती है, जिसके दौरान वे टैक्स छूट की पात्रता खोए बिना भविष्य के पुनर्निवेश जैसे कि संपत्ति, कृषि भूमि या औद्योगिक परिसंपत्तियों की खरीद की योजना बना सकते हैं। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण शाखाओं को छोड़कर अन्य सभी आईसीआईसीआई बैंक शाखाओं में यह खाता खोला जा सकता है और जल्द ही यह सेवा एनआरआई (NRI) ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी।
आईसीआईसीआई बैंक के प्रवक्ता के अनुसार, यह पेशकश ग्राहकों की बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुरूप समाधान प्रदान करने की बैंक की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इस खाते के माध्यम से ग्राहक अपनी अप्रयुक्त बिक्री राशि को सुरक्षित रख सकते हैं और पुनर्निवेश के लिए समय प्राप्त करते हुए अपनी कर देनदारी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं। हालांकि, खाते से निकासी के समय ग्राहकों को राशि के उपयोग का प्रमाण देना अनिवार्य होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि फंड का उपयोग स्वीकृत पुनर्निवेश उद्देश्यों के लिए ही किया जा रहा है।


