मुंबई: हेल्थकेयर सेक्टर में वैश्विक स्तर पर पेशेवरों की बढ़ती मांग को देखते हुए एनएसडीसी इंटरनेशनल ने अगले कुछ वर्षों में एक लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। यह पहल भारत को एक ग्लोबल केयर टैलेंट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
NSDC इंटरनेशनल, जो कि नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है, पहले ही जर्मनी, जापान, यूके और इज़रायल जैसे देशों में हज़ारों कुशल केयरगिवर्स को नौकरी के अवसर दिला चुकी है। प्रशिक्षण में न केवल आवश्यक तकनीकी और व्यवहारिक कौशल शामिल हैं, बल्कि अंग्रेज़ी, जर्मन और जापानी जैसी भाषाओं में दक्षता भी विकसित की जाती है।
वैश्विक कंपनियों से मिला समर्थन
हाल ही में कई प्रतिष्ठित जापानी और जर्मन हेल्थकेयर संगठनों ने NSDC इंटरनेशनल के उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ नियुक्त किया है, जो इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता का प्रमाण है।
NSDC इंटरनेशनल के सीईओ श्री आलोक कुमार ने कहा:
“हमारा प्रयास है कि हम विश्वभर में हेल्थकेयर सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की युवा प्रतिभा को सशक्त बनाएं। हमारा फोकस SDG-3 के तहत हेल्थ एंड वेलनेस लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देना है। हमने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से कौशल विकास को दिशा दी है।”
कई देशों के साथ हो चुकी है रणनीतिक साझेदारी
अब तक संगठन कनाडा, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, सिंगापुर और जीसीसी देशों के साथ साझेदारी कर चुका है ताकि इन देशों में केयरगिविंग स्टाफ की कमी को पूरा किया जा सके।
इसके अलावा NSDC इंटरनेशनल ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, बॉक्सहिल लैंग्वेज असेसमेंट ट्रस्ट और प्रमुख जापानी-जर्मन भाषा प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ गठजोड़ किया है। इज़रायल में भी संस्था ने करीब 5000 केयरगिवर्स की मांग को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।
देश भर में खुल रहे हैं ग्लोबल ट्रेनिंग सेंटर्स
देशभर में स्थापित विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से उम्मीदवारों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन केंद्रों में आधुनिक सुविधाएं, अनुभवी ट्रेनर्स और नौकरी-उन्मुख प्रशिक्षण की व्यवस्था है।
भारत बनेगा ग्लोबल स्किलिंग का हब
NSDC इंटरनेशनल की यह पहल न केवल युवाओं को विदेशी रोजगार अवसर उपलब्ध करा रही है, बल्कि भारत को विश्वस्तरीय प्रतिभा निर्यातक देश के रूप में भी स्थापित कर रही है। अब तक हज़ारों युवाओं के सपनों को पंख मिल चुके हैं, और आने वाले समय में लाखों की जिंदगी बदलने की योजना है।
