BJP New: बीजेपी की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा सोशल मीडिया पर लीक हुए दो कथित ऑडियो क्लिपों की हो रही है। साय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच, भरतपुर-सोनहत सीट से भाजपा विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के नाम से वायरल हुए दो कथित ऑडियो ने राजनैतिक तापमान सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इन वायरल क्लिपों में कथित तौर पर राज्य सरकार के कामकाज के तरीके, दिल्ली दरबार के हस्तक्षेप और संगठन की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर चौंकाने वाली बातें कही गई हैं।
राजनैतिक गलियारों में दावा किया जा रहा है कि इस बातचीत में सरकार को लेकर कहा गया है कि शासन ऊपर से संचालित हो रहा है और आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनैतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। यहां तक कि कथित बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजनैतिक वापसी की संभावनाओं तक का जिक्र है। हालांकि वायरल ऑडियो क्लिपों की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।
एक के बाद एक दो ऑडियो लीक
यह राजनैतिक विवाद तब और गहरा गया जब पहले लीक के ठीक बाद दूसरा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तैरने लगा। इस क्लिप में कथित तौर पर राजनैतिक उपेक्षा को लेकर भारी नाराजगी, आगामी चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक देने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो इन ऑडियो क्लिपों को भाजपा संगठन से जुड़े रहे मनोज साहू नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया है, जिसके बाद से ही प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है।
शिकायत, नोटिस और बदला लेने का खेल?
इस पूरे घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी भी बेहद दिलचस्प और आपसी खींचतान से भरी हुई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक कार्यक्रम के दौरान जिला स्तर के कुछ नेताओं ने विधायक रेणुका सिंह की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से मंच से शिकायत की थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भाजपा संगठन ने विधायक को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। चर्चा है कि संगठन के इसी नोटिस और अंदरूनी कलह के ठीक बाद यह कथित बातचीत का ऑडियो लीक हुआ, जिसने इस विवाद को बंद कमरों से निकालकर सरेआम चौराहे पर ला खड़ा किया है।
यह AI जनरेटेड है : रेणुका सिंह
मामला तूल पकड़ते ही विधायक रेणुका सिंह ने फ्रंट फुट पर आकर इन सभी ऑडियो क्लिपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक बड़ी राजनैतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से AI द्वारा जनरेटेड फर्जी आवाज है। तकनीक का गलत इस्तेमाल करके मेरी राजनैतिक छवि और सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल विधायक ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
