खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर कटनी/बरही–बरही क्षेत्र के ग्राम बिचपुरा कनौर में शासकीय भूमि पर कथित रूप से संचालित क्रेशर प्लांट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का दावा है कि प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद क्रेशर प्लांट दोबारा संचालित होने लगा है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि क्रेशर प्लांट वास्तव में शासकीय भूमि पर संचालित हो रहा था, तो उसे पूरी तरह हटाया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि मौके पर की गई कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई और न तो मशीनरी पूरी तरह हटाई गई, न ही भूमि को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया गया।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि लंबे समय से शासकीय भूमि पर कथित रूप से क्रेशर संचालित हो रहा था, तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला सार्वजनिक होने के बाद कार्रवाई तो की गई, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दिया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया था, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई, मशीनरी जब्ती और शासकीय भूमि को पूरी तरह खाली कराया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि सीमित कार्रवाई कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया गया।
शासकीय ज़मीन पर फिर गूंजा क्रेशर! कार्रवाई पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले—’सिर्फ खानापूर्ति, दोषियों पर क्यों मेहरबानी?’
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