Sunday, November 1, 2026
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जननायक यमुना प्रसाद शास्त्री की 29वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला बोले, उनका नाम लेते ही जागृत होता है शुचिता का भाव

रीवा/ अरविन्द तिवारी/ स्थानीय नेत्रहीन एवं विकलांग महाविद्यालय, तोपखाना बिछिया में रीवा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद, गोवा मुक्ति आंदोलन के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं जननायक स्वर्गीय यमुना प्रसाद शास्त्री की 29वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Rajendra Shukla मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “शास्त्री जी का नाम और तस्वीर मन में आते ही शुचिता का भाव जागृत हो जाता है। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण था।” उन्होंने कहा कि शास्त्री जी केवल सांसद या विधायक नहीं थे, बल्कि ऐसे जननेता थे जो दूसरों को नेतृत्व की राह दिखाते थे। विंध्य क्षेत्र के विकास की आधारशिला रखने का श्रेय भी उन्होंने शास्त्री जी को दिया।

श्री शुक्ला ने कहा कि बाणसागर परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री को बुलाकर करवाना और क्षेत्र में विकास की सोच को आगे बढ़ाना शास्त्री जी की दूरदृष्टि का परिणाम था। उन्होंने यह भी कहा कि रीवा के गुढ़ क्षेत्र में स्थापित एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट की अवधारणा भी शास्त्री जी की दूरदर्शी सोच से जुड़ी रही है।

जनार्दन मिश्रा ने याद किए शास्त्री जी के आदर्श

रीवा संसदीय क्षेत्र के सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा, “वे कहते थे कि मर जाऊंगा पर पेंशन नहीं लूंगा। उनके विचार और कर्म जीवनभर एक समान रहे।”

सांसद ने कहा कि शास्त्री जी का राजनीतिक जीवन संघर्ष, सादगी और नैतिक मूल्यों का प्रतीक था। वे राजनीति के अपराधीकरण के प्रखर विरोधी थे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते थे।

‘यमुन प्रवाह’ काव्य खंड का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि Ram Naresh Tiwari Nishthur द्वारा रचित काव्य खंड ‘यमुन प्रवाह’ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह में अनेक जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हजारों की संख्या में शास्त्री जी के समर्थकों और शुभचिंतकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. यदुवंशमणि त्रिपाठी ने किया तथा अंत में शास्त्री जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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