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Friday, April 17, 2026
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राजस्व कर्मी के पुत्र पर दस्तावेज़ों में हेराफेरी के आरोप राजस्व कर्मी के पुत्र पर गरीब की जमीन हड़पने का आरोप — तीन दिन में हुआ नामांतरण, जांच की मांग

राजस्व कर्मी के पुत्र पर दस्तावेज़ों में हेराफेरी के आरोप राजस्व कर्मी के पुत्र पर गरीब की जमीन हड़पने का आरोप — तीन दिन में हुआ नामांतरण, जांच की मांग

कटनी। विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम बंजारी में राजस्व विभाग से जुड़े एक कर्मचारी के पुत्र अजय त्रिपाठी पर गरीब ग्रामीणों की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने आवेदन देकर दस्तावेजों में हेराफेरी और धोखाधड़ी की शिकायत की है। आरोप है कि मात्र तीन दिनों में भूमि का नामांतरण कर लिया गया, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्राम बंजारी निवासी संदीप पाल पिता हजारी पाल ने आरोप लगाया है कि अजय त्रिपाठी, जो राजस्व विभाग के एक कर्मचारी का पुत्र है, ने छलपूर्वक उनकी भूमि अपने नाम करवा ली।

पीड़ितों के अनुसार उनकी भूमि खसरा नंबर 991/3/1/2, रकबा 0.3238 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 0.20 हेक्टेयर भूमि पर अजय त्रिपाठी ने कब्जा कर लिया है। यह भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि अजय त्रिपाठी ने उनके अशिक्षित होने का फायदा उठाकर कटनी ले जाकर रजिस्ट्री कराई और दस्तावेज़ों में हेराफेरी करते हुए नामांतरण अपने नाम पर करा लिया।
पीड़ितों ने कहा कि सामान्य तौर पर नामांतरण प्रक्रिया में कई सप्ताह या महीनों का समय लगता है, लेकिन इस मामले में यह सिर्फ तीन दिनों में पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला राजस्व विभाग में प्रभाव और मिलीभगत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि न तो उन्हें नामांतरण की जानकारी दी गई और न ही किसी प्रकार की नोटिस मिली।

पीड़ितों ने यह भी बताया कि रजिस्ट्री दस्तावेज़ में ₹10 लाख रुपये (₹2 लाख, ₹5 लाख और ₹3 लाख) के भुगतान का उल्लेख है, जबकि उन्हें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब राजस्व विभाग से जुड़े परिवारों के लोग ही इस तरह के कार्य करेंगे, तो आमजन न्याय की उम्मीद किससे रखेगा। उन्होंने इसे विभाग की साख पर कलंक बताया।

पीड़ितों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर राजस्व दुरुपयोग, धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाकर ही विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है।

तीन दिन में नामांतरण पूरा, जांच की मांग

₹10 लाख रुपये के भुगतान का झूठा उल्लेख — पीड़ितों का दावा

राजस्व कर्मी के पुत्र पर दस्तावेज़ों में हेराफेरी के आरोप

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