Monday, November 2, 2026
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MP Rajya Sabha: MP राज्यसभा चुनाव से पहले गायब हुआ एक विधायक, मचा हड़कंप

MP Rajya Sabha: मध्य प्रदेश में 18 जून 2026 को होने जा रहे राज्यसभा की तीन सीटों के दंगल में मंगलवार को एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों की रातों की नींद उड़ा दी है। सूबे की सैलाना सीट से भारत आदिवासी पार्टी के इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार अचानक गायब हो गए हैं। इतना ही नहीं उनका फोन भी बंद जा रहा है।

मीडिया की खबरों के अनुसार बीजे सोमवार शाम से ही कमलेश्वर डोडियार से संपर्क करने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं और उनके दोनों ही मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ आ रहे हैं। भाजपा द्वारा तीसरे प्रत्याशी के रूप में महेश केवट को उतारने के बाद जब हर एक वोट की कीमत हीरे जैसी हो चुकी है, ऐसे में ‘बाप’ विधायक का इस तरह गायब होना प्रदेश की राजनीति में किसी भूचाल से कम नहीं है।

एक-एक वोट का महा-संग्राम

दरअसल, दो सीटों पर भाजपा की जीत तय होने के बाद तीसरी सीट के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है। कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन को जिताने के लिए विपक्षी खेमा अपने 64 विधायकों को एकजुट करने में लगा है, लेकिन अंदरखाने 14 से 15 विधायकों के टूटने की खबरों ने कांग्रेस को डरा दिया है। ऐसे में निर्दलीय और अन्य दलों के एक-एक विधायक की अहमियत आसमान छू रही है।

शाह होते ही गायब हुए विधायक

सूत्रों का दावा है कि सोमवार दोपहर तक भोपाल विधानसभा परिसर के आसपास देखे गए कमलेश्वर डोडियार शाम होते ही अचानक गायब हो गए। दोनों ही दलों के नेता लगातार उनके फोन पर संपर्क साधने की जुगत में लगे हैं, लेकिन नंबर बंद होने के चलते राजनैतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है कि कहीं उनका भी ऑपरेशन लोटस के तहत मैनेजमेंट तो नहीं हो गया।

खरीद-फरोख्त का आरोप

बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी महेश केवट का नामांकन पत्र दाखिल कराने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास नजर आया। सीएम ने मीडिया से मुस्कुराते हुए कहा कि, हमें अपनी रणनीति और संगठन पर पूर्ण विश्वास है। 18 जून को परिणाम आने दीजिए, तीसरी सीट भी भारतीय जनता पार्टी के खाते में ही जाएगी। वही दूसरी तरफ अपनी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा भरवाने के बाद पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर हमला बोला। पटवारी ने कहा कि, बीजेपी के पास संख्या बल नहीं है, वह सिर्फ सरकारी तंत्र का दबाव बनाकर और करोड़ों रुपयों की खरीद-फरोख्त के दम पर लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। लेकिन हमारे सभी विधायक एकजुट हैं और बीजेपी के मंसूबे नाकाम होंगे।

शिफ्टिंग से पहले ‘खेला’?

राजनैतिक जानकारों का मानना है कि कमलेश्वर डोडियार का अचानक गायब होना मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। कांग्रेस जहां अपने विधायकों को बचाने के लिए आरिफ मसूद और कुणाल चौधरी की निगरानी में विशेष चार्टर्ड प्लेन से तेलंगाना भेजने की अंतिम तैयारियों में जुटी थी, वहीं वोटिंग से पहले ही एक अन्य दल के विधायक का गायब हो जाना यह साफ इशारा करता है कि परदे के पीछे की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या अगले कुछ घंटों में कमलेश्वर डोडियार अचानक किसी दल के दफ्तर या सीधे मुख्यमंत्री आवास पर प्रकट होते हैं, या फिर राजनैतिक कीमत बढ़ाने की सोची-समझी प्रेशर टैक्टिक्स है।

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