भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा पूरे उफान पर है, ऐसे में सूबे की मोहन सरकार ने पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने का वादा किया है, इसी बीच आनंद स्वरुप नामक भगवाधारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव के खिलाफ विवादित बयान देकर सरगर्मी बढ़ा दी। जिसके विरोध में यादव महासभा ने मोर्चा खोल दिया है।
ओबीसी और यादव महासभा ने जताया विरोध
मध्यप्रदेश ओबीसी और यादव महासभा ने सीएम डॉ. मोहन यादव पर आनंद स्वरुप की टिप्पणी पर विरोध जाहिर किया है। भोपाल में यादव महासभा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ विवादित बयान देने वाले आनंद स्वरूप महाराज का रोशनपुरा चौराहे पर पुतला दहन किया, और जमकर नारेबाजी की है। इस दौरान यादव महासभा काफी उग्र नजर आई। टीटी नगर थाने में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने स्वामी आनंद स्वरूप के खिलाफ जातिवादी, आपत्तिजनक और संविधान विरोधी बयानों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। महासभा ने मांग की है कि आनंद स्वरूप के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
आनंद स्वरुप के बयान के बाद बवाल
आनंद स्वरूप पर आरोप है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा OBCवर्ग को 27% आरक्षण देने की घोषणा के बाद सार्वजनिक मंचों पर नफरत फैलाने वाले बयान दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘ब्राह्मण द्वेषी, हिन्दू द्वेषी और राष्ट्रद्रोही’ कहकर संबोधित किया। साथ ही यादव, OBC, SC-ST समाज और डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। जिसके विरोध में आनंद स्वरुप पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
ग्वालियर में ओबीसी महासभा ने दिया ज्ञापन
ओबीसी महासभा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पिछड़ा वर्ग और आरक्षण के खिलाफ अभद्र भाषा में टिप्पणी करने पर कड़ी आपत्ति प्रकट करते हुए आनंद स्वरुप नामक व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईंआर दर्ज करने की मांग की है। ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा ग्वालियर जिलाधीश और एसपी कार्यालय पहुंचकर ग्वालियर आनंद स्वरूप के खिलाफ केस दर्ज करने के द्वारा ज्ञापन दिया गया।
FIR की मांग
ओबीसी प्रतिनिधि मंडल ने आनंद स्वरुप के द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को हाल ही में देशद्रोही, धर्म द्रोही, सवर्ण द्रोही तक कहने का काम किया गया है, जो कि सीधे अपराध की श्रेणी मे आता है। इनके खिलाफ एफआईंआर कर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, इन लोगो ने ज्ञापन के साथ एक वीडियो भी सौंपा जो वायरल हो रहा है।
