सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता , कटनी—तेवरी क्षेत्र में भारत के महान क्रांतिकारी भगत सिंह का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। अंग्रेजों द्वारा माफी मांगने पर रिहाई का प्रस्ताव भी उन्होंने ठुकरा दिया था, क्योंकि उनके लिए देश की स्वतंत्रता सर्वोपरि थी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि व्यक्तिगत जीवन से बड़ा राष्ट्र का सम्मान होता है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि उस समय देश में गरीबी, शोषण और असमानता चरम पर थी। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा भारतीयों का शोषण कर ब्रिटिश साम्राज्य को मजबूत किया जा रहा था। भगत सिंह मानव द्वारा मानव के शोषण को अमानवीय मानते थे और उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक अंग्रेज भारत से नहीं जाएंगे, तब तक देश का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।इस अवसर पर मूलचंद पटेल, उजियार प्रसाद झारिया, पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर, रामकृपाल जायसवाल, राजेश हल्दकर, शिवचरण विश्वकर्मा, प्रभाष चक्रवर्ती, मोती चक्रवर्ती, कोदूलाल चक्रवर्ती, अनिल कोल, बिछ्छा कोल, गणेश जायसवाल, सागर कुशवाहा, अरविंद वंशकार, संतोष वंशकार, बल्लू विश्वकर्मा, दीपक गुप्ता, संतोष झारिया एवं प्रकाश कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीद भगत सिंह के आदर्शों को अपनाते हुए देशहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
तेवरी में श्रद्धा के साथ मनाया गया शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवस
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