भोपाल/ खबर डिजिटल/ भाजपा में लंबे इंतजार के बाद घोषित हुई जिला कार्यकारिणी विवादों के घेरे में आ गई है। शहर अध्यक्ष रविंद्र यती द्वारा मंगलवार को जारी की गई टीम का पार्टी के भीतर ही इतना तीखा विरोध हुआ कि संगठन को आनन-फानन में सूची वापस लेनी पड़ी। सोशल मीडिया से भी लिस्ट हटा दी गई है।
विवाद की मुख्य वजह
विरोध का सबसे बड़ा कारण सचिन दास बब्बा को महामंत्री बनाया जाना रहा। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और वे भाजपा दफ्तर में हुई तोड़फोड़ में भी शामिल रहे थे। ऐसे विवादित चेहरे को महत्वपूर्ण पद देने से निष्ठावान कार्यकर्ता नाराज हो गए।

पार्षदों का क्लब बनी टीम
कार्यकारिणी में पांच पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों (अशोक वाणी, राजू अनेजा, मोनू गोहल, सुषमा बावीसा और मनोज राठौर) को शामिल करने पर भी सवाल उठे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीम में केवल रसूखदारों को जगह मिली है, जिससे यह जिला कार्यकारिणी के बजाय पार्षद क्लब नजर आ रही है।

डिलीट की गईं पोस्ट
विरोध इतना बढ़ा कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और शहर अध्यक्ष रविंद्र यती को अपने सोशल मीडिया हैंडल से सूची हटानी पड़ी। फिलहाल इस लिस्ट को महाशिवरात्रि तक के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। शहर अध्यक्ष यती के मुताबिक, फिलहाल नियुक्तियां रोक दी गई हैं।


